अखंड सौभाग्य व लक्ष्मी की होगी प्राप्ति,उल्टा स्वास्तिक बनाने से दूर हो जाती है हर समस्या

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सनातन धर्म में कई ऐसे उपाय हैं जिनके करने से मनोकामनाएं जल्द पूरी होती है। जी हां, स्वास्तिक शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘सु’ एवं ‘अस्ति’ से मिलकर बना है, जिनका अर्थ है ‘शुभ हो’, ‘कल्याण हो’। हिंदू धर्म में स्वास्तिक का बहुत महत्व माना जाता है। पूजा-पाठ या किसी भी शुभ कार्य से पहले स्वास्तिक का महत्व माना जाता है। क्योंकि स्वास्तिक को पुराणों में परब्रह्म की संज्ञा दी गई है। इसमें धन की देवी लक्ष्मी और बुद्धि दाता श्री गणेश जी का प्रतीक होता है। वहीं ज्योतिषशास्त्र के अनुसार स्वास्तिक के कुछ अलग प्रयोग भी बताए गए हैं जिन्हें करने से सभी समस्याएं दूर होकर धन, धान्य, सौभाग्य तथा अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। लेकिन स्वास्तिक के यह प्रयोग सीधे स्वास्तिक से नहीं वल्कि उल्टे स्वास्तिक को बनाने से होती है। उल्टे स्वास्तिक को बनाने से मनोकामनाएं भी जल्द पूरी होती है। तो आइए जानते हैं उल्टे स्वास्तिक के उपाय….

अखंड सौभाग्य व लक्ष्मी की होगी प्राप्ति,उल्टा स्वास्तिक बनाने से दूर हो ती है हर समस्या,

व्यापार में बढ़ोतरी के लिए
व्यापार में बढ़ोतरी के लिए गुरुवार को तक घर के ईशान कोण यानी उत्तरी-पूर्वी को गंगाजल से धोकर वहां हल्दी का स्वास्तिक बनाएं। इस स्वास्तिक की विधिवत पूजा कर गुड़ का भोग लगाएं। ऐसा लगातार 7 गुरुवार करने से व्यापार में फायदा होगा।

घर में समृद्धि लाने के लिए
घर में समृद्धि लाने के लिए घर के बाहर रंगोली के साथ कुंकुम, सिंदूर या रंगोली से स्वास्तिक बनाएं। इससे देवी-देवता प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करते हैं और घर में रहने वालों को आशीर्वाद देते हैं।

मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए
घर के पूजास्थल या मंदिर में स्वास्तिक बनाकर उस पर इष्टदेव की प्रतिमा रख कर पूजा करनी चाहिए। इससे देवता तुरंत प्रसन्न होकर मनचाहा आशीर्वाद देते हैं।

घर के क्लेश समाप्त करने के लिए
घर के ईशान कोण यानी उत्तरी-पूर्वी दिशा में दीवार पर हल्दी का स्वास्तिक बनाने से घर में सुख-शांति आती है और घर में होने वाले क्लेश समाप्त होते हैं।

मनोकामनाएं जल्दी पूरी करने के लिए
घर के पूजास्थल या मंदिर में स्वास्तिक बनाकर उस पर पांच अनाज रखकर दीपक जलाने से सभी मनोकामनाएं जल्दी ही पूरी होती है।