अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति है शुभ, तो बन सकते हैं गाड़ी, मकान के मालिक जरूर जाने

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ज्योतिषशास्त्र में नवग्रहों की स्थिति का जातकों पर बहुत भारी असर पड़ता है। ग्रहों की चाल से व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। लेकिन पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की हर व्यक्ति की कुंडली में कुछ ग्रह अनुकूल होते हैं, तो कुछ नहीं होते हैं। जिनके लिए ग्रह अनुकूल होते हैं वे व्यक्ति उसकी एक निश्चित उम्र में फायदा जरुर पहुंचाते हैं। किसी भी व्यक्ति के जन्म से लेकर 48 वर्ष की उम्र तक सभी ग्रहों का उम्र के हर साल में अलग-अलग प्रभाव होता है। इन्हीं वर्षों में से नौ ऐसे विशेष वर्ष होते हैं, जो ग्रह से संबंधित वर्ष माने गए हैं। इन वर्षों में उस ग्रह का शुभ या अशुभ प्रभाव विशेष रूप से रहता है। तो आइए लाल किताब के अनुसार जानते हैं कौन-सा ग्रह किस उम्र में विशेष फल देता है….

अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति है शुभ, तो इस उम्र में बन सकते हैं मकान, गाड़ी के मालिक

1) बृहस्पति : बृहस्पति को देवगुरु कहा जाता है। किसी भी जातक के जीवन में सबसे पहले बृहस्पति ग्रह का असर होता है। उम्र का 16वां साल बृहस्पति का साल माना जाता है। बृहस्पति यदि चौथे भाव में स्थित होता है तो 16वें साल में व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में बहुत लाभ अर्जित करता है, वहीं यदि छठे भाव में है तो हानि संभव होती है।

2) सूर्य : सूर्य ग्रह का असर किसी भी जातक के 22वें वर्ष में नजर आता है। यदि वह शुभ स्थिति में है तो जातक को सरकारी कार्यों में पूर्ण लाभ मिलता है और यदि अशुभ होता है तो सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।

3) चंद्रमा : किसी भी जातक को चंद्र ग्रह का असर उसकी 24वें वर्ष में नजर आता है। चंद्रमा का जातक की उच्च या शुभ स्थिति में होने पर माता एवं अन्य सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। वहीं अशुभ या नीच होने पर ठीक इसके विपरीत फल प्राप्त होते हैं।

4) शुक्र : शुक्र का असर आयु के 25वें वर्ष में विशेष रूप से देखने को मिलता है। यदि शुक्र नीच का है तो सुख में बाधा उत्पन्न होती है, लेकिन यदि शुक्र अत्छा होता है तो वह पत्नी और सांसारिक सुख प्रदान करता है।

5) मंगल : मंगल ग्रह किसी भी जातक को 28वें वर्ष की उम्र में असर दिखता है। मंगल का अच्छा होने पर जातक को भाई, मकान, जमीन-जायदाद से संबंधित कार्यों में लाभ मिलता है। वहीं खराब असर होने पर उसे इसके नुकसान मिलते हैं।

6) बुध : बुध ग्रह का असर आयु के 34वें वर्ष में दिखाई देता है। यदि अच्छा होता है तो व्यापार आदि में लाभ प्राप्त होता है और यदि खराब होता है तो हानि की संभावनाएं बढ़ जाती है।

7) शनि : शनि ग्रह का असर जातक की आयु के 36वें वर्ष में दिखाई देता है। यदि अच्छा है तो मकान, व्यवसाय और राजनीति में लाभ लेकिन यदि अशुभ हो तो हानि देता है।

8) राहु : राहु ग्रह अपना असर आयु के 42वें वर्ष में दिखाता है। यदि शुभ स्थित में हो राजनीति आदि के क्षेत्र में विशेष लाभ, लेकिन यदि अशुभ हो तो व्यक्ति को मानसिक तनाव झेलना पड़ता है।

9) केतु : केतु ग्रह अपना असर आयु के 42वें वर्ष में दिखाता है। यदि शुभ हो तो संतान एवं मामा के संबंध में विशेष लाभ मिलता है यदि अशुभ है तो इसके विपरित परिणाम दिखाता है।