अपार धन की प्राप्ति के लिए शाम को 11 बार कर लें ये पाठ, फिर देखे लाभ

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शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता माना गया है। हर मांगलिक कार्य व किसी भी शुभ कार्य के समय सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। किसी भी पूजा, आराधना, अनुष्ठान व कार्य में कोई विघ्न-बाधा न आए, इसलिए सर्वप्रथम गणेश-पूजा करके उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। माना जाता है की गणेश जी का नाम लेने या उन्हें सच्चे मन से स्मरण करने से बीगड़े काम बन जाते हैं, इसके अलावा घर की बरकत बनी रहती है। गणेश जी को जल्द प्रसन्न करने के लिए चतुर्थी का शुभ दिन होता है। वहीं इस दिन सभी महिलाएं व्रत रखकर गणेश जी की पूजा करती हैं। संकष्टी चतुर्थी के दिन शाम को संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ 11 बार करना चाहिए। इससे व्यक्ति को हर कष्ट से मुक्ति मिलती है, उसके सभी संकटों का नाश होता है और अपार धन की प्राप्ति भी होती है।

अपार धन की प्राप्ति के लिए शाम को 11 बार कर लें ये पाठ,

संकटनाशन स्तोत्र

प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम।
भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये।।

प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम।
तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम।।

लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च।
सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् ।।

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम।।

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो।।

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।

जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत्।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।।

अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।।

॥ इति श्रीनारदपुराणे संकष्टनाशनं गणेशस्तोत्रं सम्पूर्णम्‌ ॥