आखिर नौतपा का बारिश से क्या है संबंध,सूर्य की किरणों से तप रही धरती,

83

आज कल धरती सूर्य की किरणों से लगभग 14 घंटे तप रही है जबकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सूर्य की किरणें धरती पर 10 घंटा से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसके पीछे तर्क है कि सूर्य की किरणें ज्यादा देर तक रहने से गर्म हवा ऊपर नहीं जाने के कारण धरती अधिक तपती है। फिलहाल अभी नौतपा चल रहा है। माना जाता है कि 9 दिन तक सूर्य किरणें सीधे धरती पर पड़ती है, जिस कारण गर्मी बढ़ जाती है।

आखिर  नौतपा का बारिश से क्या है संबंध,14 घंटे सूर्य की किरणों से तप रही धरती,

माना जाता है कि 9 दिन तक सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है और धरती तपती है। कहा जाता है इस दौरान जितना अधिक धरती तपेगी, उतनी ही अच्छी बारिश होगी। अब सवाल उठता है कि नौतपा का बारिश से क्या संबंध है? तो आइये जानते हैं…

दरअसल, हिन्दू शास्त्र में सूर्य को तेज का प्रतिक माना जाता है जबकि चंद्रमा को शीतलता देना वाला कहा गया है। माना जाता है कि रोहिणी नक्षत्र का मुख्य रूप से चंद्रमा ग्रह का अधिपति होता है लेकिन जब चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में सूर्य आ जाता है तो इस नक्षत्र पर सूर्य प्रभाव डालने लगता है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश को ही नौतपा कहा जाता है। इस दौरान सूर्य सबसे अधिक बलवान होता है। जिस कारण धरती सबसे अधिक तपती है और गर्मी बढ़ जाती है। नौतपा 25 मई से शुरू हो गया है, जो 3 जून तक रहेगा।

इस दौरान सूर्य, मंगल, बुध का शनि से समसप्तक योग होने के कारण धरती का तापमान बढ़ जाता है। कहा जाता है कि इन 9 दिनों में जितनी ज्यादा धरती तपेगी, उतनी ही अच्छी बारीश होगी। हालांकि रोहिणी नक्षत्र 15 दिन तक रहता है। ज्योतिष भी मानते हैं कि इस बार नौतपा में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ेगी, जिस कारण अच्छी बारिश होने की संभावना है। बताया जाता है कि नौतपा के वक्त सूर्य और धरती के बीच की दूरी कम हो जाती है, जिस कारण झुलसा देने वाली गर्मी पड़ती है।