इन राशि वालों के जीवन में होने वाला है बवाल,राहु का राशि में हुआ परिवर्तन

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ज्योतिषशास्त्र में राहु और केतु को क्रूर ग्रह माना गया है। माना जाता है की राहु-केतु की काली छाया जब भी किसी व्यक्ति पर पड़ती है तो वह व्यक्ति अपनी जिंदगी में बुद्धिबल से कोई निर्णय नहीं ले पाता, उसकी बुद्धि भ्रष्ट व अस्थिर होती है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की राहु को शनि का ख़ास मित्र माना जाता है, इसलिए जैसे शनि के कुप्रभाव से व्यक्ति का नाश हो जाता है और शुभ दृष्टि से व्यक्ति को जमीन से आसमान तक पहुंचा देता है उसी प्रकार जब राहु की किसी भी जातक पर शुभ दृष्टि पड़ती है, तो इंसान अचानक भिखारी से राजा भी बन सकता है। वहीं राहु की कुदृष्टि होने से कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र में राहु-केतु को हमारे जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव का मुख्य जिम्मेदार माना गया है।

राहु का राशि परिवर्तन, इन राशि वालों के जीवन में होने वाला है बवाल

मेष राशि
आपकी राशि से राहु तीसरे भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। इस दौरान आपको नौकरी में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन और आर्थिक लाभ मिलने के योग हैं। लंबी यात्रा की योजना को टाल दें, छोटी यात्रा आपके लिए लाभदायक रहेगी। दोस्तों से पूरी मदद मिलेगी।

वृषभ राशि
आपकी राशि से राहु दूसरे भाव में गोचर करेगा। यह गोचर आपके लिए कष्टदायक हो सकता है। आपकी आर्थिक व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें, अन्यथा किसी गलतफहमी के कारण घर का माहौल बिगड़ सकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, क्योंकि लापरवाही से शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

मिथुन राशि
आपकी राशि से राहु लग्न भाव में स्थित होगा। इस भाव में राहु का स्थित होना अनुकूल नहीं माना जाता। ऐसे में आपको सावधानी बरतने और संभलकर चलने की जरुरत होगी। अपने स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतें, क्योंकि लापरवाही से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कर्क राशि
आपकी राशि से राहु बारहवें भाव में गोचर करेगा। यह खर्च का भाव होने के लिए इस अवधि में आपके ख़र्चों में काफी वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और कार्य में किसी प्रकार की रुकावट आ सकती है या उच्चाधिकारियों के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं। इससे मानसिक तनाव हो सकता है, हालांकि इससे बिना घबराए अपना काम समय पर करते रहें।

सिंह राशि
आपकी राशि से राहु ग्यारवें भाव में गोचर करेगा। जोकी आपके लिए शुभकारी होगा और इसके सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। कार्य में सफलता और विभिन्न क्षेत्रों से लाभ प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य क्षेत्र में अपने वरीय अधिकारियों से रिश्ते बेहतर बनाना लाभकारी रहेगा।

कन्या राशि
आपकी राशि से राहु दसवें भाव में गोचर करेगा। आर्थिक क्षेत्र में फायदा जरुर होगा। विभिन्न स्रोतों से आय होगी और धन की बचत भी होगी। लक्ष्य को जल्द हासिल करने के लिए रास्ता न अपनाएं, नुकसान हो सकता है। कामकाजी लोगों की व्यस्तता बनी रहेगी और इसका असर व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ेगा।

तुला राशि
आपकी राशि से राहु नौवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान आपको भाग्य का साथ नहीं मिलेगा और परिणाम भी आशानुकूल नहीं होगा। पैसों की लेनदेन में सावधानी बरतें, अन्यथा हानि हो सकती है। किसी लंबी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं।

वृश्चिक राशि
आपकी राशि से राहु आठवें भाव में प्रवेश कर रहा है, जो आपके लिए अनुकूल नहीं है। अपनी सेहत का ध्यान रखें। आर्थिक क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। इस अवधि में आपकी आय में कमी हो सकती है। ऐसे में सोच-समझकर ख़र्च करना उचित होगा। इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है, इस कारण तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।

धनु राशि
आपकी राशि से राहु सातवें भाव में गोचर कर रहा है, जो वैवाहिक जीवन में परेशनियां उत्पन्न कर सकता है। राहु का प्रतिकूल प्रभाव कार्यक्षेत्र पर भी पड़ेगा। इससे बचें और कार्य क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास करें। पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद भी उभर सकता है।

मकर राशि
आपकी राशि से राहु छठे भाव में गोचर करेगा, जोकी आपके लिए अच्छा रहेगा। इस अवधि में आपको शुभ परिणाम मिलेंगे और इससे जीवन में खुशियां आएंगी। कॅरियर में सफलता मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन और आय में बढ़ोत्तरी की भी संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।

कुंभ राशि
आपकी राशि से राहु पांचवें भाव में गोचर करेगा, आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पैसों का लेनदेन और निवेश काफी सोच-समझकर करें। इस परिस्थिति से बचने के लिए अपने पार्टनर की भावनाओं को समझें और उन्हें पूरा समय दें।

मीन राशि
आपकी राशि से राहु चौथे भाव में गोचर करेगा, आपके लिए कष्टदायक हो सकता है। इसका असर पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। माता का स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में भी परेशानी होगी और व्यस्तता के कारण निजी जीवन में कम समय देंगे।