इस तरह की औरतें होतीं है सौभग्यवती, मानी जाती है लक्ष्मी का रुप

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भारतीय संस्कृति में स्त्रियों को देवी का दर्जा दिया जाता है। गुणवान स्त्रियों को घर की लक्ष्मी और अन्नपूर्णा कहा जाता है। हर लड़की घर में खुशियां और सौभाग्य लेकर आती है। इसलिए शास्त्रों में भी यह उल्लेख मिलता है की जहां नारी की पूजा होती है वहां हमेशा देवता का वास होता है और लक्ष्मी की हमेशा कृपा बनी रहती है। घर में कभी आर्थिक संकट व बरकत में कमी नही होती। लेकिन ये भी सही है की हर महिला गुणवान और सौभाग्यवती नहीं होती। जिस प्रकार दुनिया में गुण और अवगुण दोनों ही हैं उसी प्रकार गुणवान और अवगुणी स्त्रियां भी होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बताया गया है की किन महिलाओं को सौभाग्यवती स्त्री कहा जाता है। अलग-अलग शास्त्रों में सौभाग्यवती नारी की कुछ अलग ही परिभाषा बताई जाती है….

इस तरह की औरतें होतीं है सौभग्यवती, मानी जाती है लक्ष्मी का रुप

जिस प्रकार समुद्रशास्त्र में महिला के शारिरिक लक्षणों के अनुसार महिला के बारे में जाना जा सकता है उसी प्रकार ज्योतिषशास्त्र के अनुसार महिलाओं के गुणों से बहुत ही आसानी से जाना जा सकता है की वह कितनी भाग्यशाली है। आइए जानते हैं कैसी स्त्रियां भाग्यशाली होती हैं…..

1. मधुर वचन व मीठा बोलने वाली स्त्री हमेशा सौभाग्यवती होती है, क्योंकि मीठा बोलने वाली स्त्री सभी से स्नेह पूर्क व्यवहार करती है।

2. भगवान में विश्वास रखने वाली, सेवा भाव रखने वाली, क्षमाशील, दानशील, बुद्धिमान, दयावान और कर्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करने वाली महिलाओं में लक्ष्मी का रूप देखा जाता है।

3. मन से सुंदर स्त्री बहुत ही भाग्यशाली मानी जाती है क्योंकि तन से ज्यादा मन की सुंदरता होती है।

4. ऐसी महिला जो घर आए हुए मेहमानों का स्वागत सत्कार करती है, वो हमेशा ही भाग्यशाली होती है।

5. दूसरों के दुख-दर्द को देखकर उसको अपने अनुसार दूर करने में आनंद का अनुभव करें।

6. अपनी संस्कृती और परंपराओं का हमेशा पालन करने वाली स्त्रीयां हमेशा पति के लिए भाग्यशाली होती है।

7. जो प्रतिदिन स्नान करके साफ और स्वच्छ वस्त्र पहन कर रसोई घर में प्रवेश करती है।

8. सुबह शाम घर में देवी-देवताओं के सामने धूप, दीप और सुंगधित अगरबत्ती जला कर पूजा-पाठ करती है।

9. पतिव्रत धर्म का पालन करें।

10. धर्म और नीति के मार्ग पर चलने के लिए पारिवारिक सदस्यों को प्रेरित करें।