इस दिन जरुर करें व्रत, मिलेगा कई हजार पुण्य का फल

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शास्त्रों के अनुसार माना जाता है की प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और उस पर सदैव ही भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।  लेकिन इस बार प्रदोष के दिन बहुत ही शुभ योग बन रहा है, इस बार प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ रहा है। जिससे यह गुरुप्रदेष का संयोग बना रहा है। प्रदोष व्रत बहुत ही खास माना जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की उपासना कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है। पंडित बताते हैं की वार के अनुसार प्रदोष व्रत का फल अलग-अलग मिलता है, आइए जानते हैं…

इस दिन जरुर करें व्रत, मिलेगा कई हजार पुण्य का फल

प्रदोष व्रत से मिलने वाले फल

1. सोमवार के दिन त्रयोदशी पड़ने पर किया जाने वाला व्रत आरोग्य प्रदान करता है और इंसान की सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
2. मंगलवार के दिन त्रयोदशी का प्रदोष व्रत हो तो उस दिन के व्रत को करने से रोगों से मुक्ति व स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
3. बुधवार के दिन प्रदोष व्रत हो तो, उपासक की सभी कामनाओं की पूर्ति होती है।
4. गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत पड़े तो इस दिन के व्रत के फल से शत्रुओं का विनाश होता है।
5. शुक्रवार के दिन होने वाला प्रदोष व्रत सौभाग्य और दांपत्य जीवन की सुख-शान्ति के लिए किया जाता है।
6. शनिवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत व्यक्ति को संतान प्राप्ति की कामना पूरी करता है।
7. रविवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत से आयु वृद्धि तथा अच्छा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

प्रदोष व्रत और पूजा की विधि

व्रत रखने वाले व्‍यक्‍ति को व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठें। इसके बाद नित्य कार्यों से निवृत होकर मन में भगवान शिव के नाम का जाप करें। व्रत में किसी भी प्रकार का आहार ना खाएं। सुबह नहाने के बाद साफ और सफेद रंग के कपड़े पहनें। अपने घर के मंदिर को साफ पानी या गंगा जल से शुद्ध करें और फिर उसमें गाय के गोबर से लीप कर मंडप तैयार करें। इस मंडप के नीचे 5 अलग अलग रंगों का प्रयोग कर के रंगोली बनाएं। फिर उतर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठे और शिव जी की पूजा करें। पूजा में ‘ऊँ नम: शिवाय’ का जाप करें और जल चढ़ाएं।