इस दिन से फिर रुक जाएंगे शुभ कार्य, करना होगा 30 दिन इंतजार

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हिन्दू परंपरा के अनुसार हर कार्य शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है। मुहूर्त के बिना कोई कार्य शुभ नहीं होता और कार्यों में रुकावटें आती है। इसलिए सनातन धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि सभी मांगलिक कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त देखा जाता है। लेकिन पांचांग के अनुसार कुछ मुहूर्त शभु नहीं होते, कहा जाता है की इन मुहूर्त और इस समयावधि में मांगलिक कार्य करने से नुकसान झेलना पड़ सकता है। हिंदू पांचांग के उन्हीं समयावधि में आता है खरमास जिसे मलमास भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस खरमास, मलमास में सभी शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इन दिनों शुभ कार्य के मुहूर्त का निषेध होता है।

इस दिन से फिर रुक जाएंगे शुभ कार्य, करना होगा 30 दिन इंतजार

कब तक रहेगा मलमास

मलमास लगने से इस समयावधि में कोई भी शुभ क्रार्य नहीं होंगे और सभी शुभ कार्यों पर निषेध रहेगा। यानी इस पुरे महीने विवाह, नए घर में प्रवेश, यज्ञोपवित, बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी आदि वर्जित मानी जाती है। इसके अलावा अन्य शुभ कार्यों को भी वर्जित माना जाता है।

कब लगता है मलमास

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सूर्य हर 30 दिन यानि एक महीने बाद राशि परिवर्तन करता है. 12 महीनों में यह 12 राशियों पर विचरण करता है और जब यह धनु और मीन राशि पर जाता है, तब उन महीनों को मलमास कहा जाता है। यह अवधि ज्योतिष में शुभ नहीं मानी जाती है। इन दिनों में श्रीहरी को खुश करने के लिए स्नान-दान व्रत करना चाहिए। गंगा, और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत अच्छा माना जाता है। इस महीने में भगवान् विष्णु का पूजन और व्रत आदि करना चाहिए। साथ ही अन्न, वस्त्र, स्वर्ण-रजत, तांबे के आभूषण और पुस्तक आदि का दान करना अच्छा माना जाता है।