इस पौधे को मात्र छूने से ही मिट जाती है व्यक्ति की थकान,चमत्कारी है ये पेड़

410

भारत को चमत्कारी देश कहा जाता है। यहां कई चमत्कार देखे जाते हैं चाहे वे मंदिर से परिपेक्ष में हो या फिर ईश्वरीय शक्ति के बारे में हो। ऐसे ही एक चमत्कारी पेड़ के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिसे छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। जी हां, यह पेड़ सभी औषधीय गुणों से भरपूर है और हिंदू धर्म में इस पेड़ का वर्णन भी बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार इस पेड़ में इंद्र का वास होता है लेकिन इंद्र के श्राप के ही कारण यह पेड़ फल रहीत है। इसमें कोई फल नहीं लगता। इस वृक्ष को ओषधीय गुणों के बावजूद भी श्राप क्यों मिला इसके बारे में आइए पैराणिक कथा में जानते हैं…

इसे छूने मात्र से ही मिट जाती है व्यक्ति की थकान

हम जिस चमत्कारी पेड़ की बात कर रहे हैं वह पेड़ परिजात का पेड़ है। परिजात वृक्ष का फूल खूबसूरत सफेद रंग का होता है जो सूखने के बाद सुनहरे रंग का हो जाता है। इस फूल में पांच पंखुडियां होती हैं। इस वृक्ष के बारे में पौराणिक कथाओं में बताया गया है की परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुंद्र मंथन के दौरान हुई थी। समुद्र मंथन में उत्पन्न हुए इस पेड़ को भगवान इंद्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था। हरिवंश पुराण के अनुसार पारिजात के अदभुद फूलों को पाकर सत्यभामा ने भगवान कृष्ण से जिद की कि पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से लाकर उनकी वाटिका में लगाया जाए। श्री कृष्ण ने पारिजात वृक्ष लाने के लिए नारद मुनि को स्वर्ग लोक भेजा मगर इंद्र ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया जिस पर कृष्ण ने स्वर्गलोक पर आक्रमण कर दिया और पारिजात प्राप्त कर लिया। पारिजात छीन जाने से क्रोधित इंद्र ने इस वृक्ष पर कभी न फल आने का श्राप दिया। जिसके बाद से इस परिजात के पेड़ पर फल नहीं आते हैं।

मान्यता है की इस वृक्ष के छूने मात्र से देव नर्तकी उर्वशी की थकान मिट जाती थी और आज भी अगर कोई इस वृक्ष को छू लेता है तो वह कितना भी थका हुआ क्यों न हो इसे छूते ही उसकी सारी थकान गायब हो जाती है।