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एम्स में हुए हाल के एक शोध में सामने आया है की मानसिक बीमारी वालो को होता है दिल के दौरे का खतरा, जरूर जाने

आस पास के बुजुर्ग अवसाद ( डिप्रेशन ) याददाश्त की परेशानी जैसी मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत हैं ! ऐसे बुजुर्ग को हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा होती हैं ! एम्स में हुए हाल के एक शोध में सामने आया है !

रिपोर्ट के मुताबिक एक से अधिक बिमारियों की गिरफ्त में आए मरीजों को हृदय सम्बन्धी बीमारी होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है ! इन लोगो में चलने फिरने की गति में कमी आ जाती है , काम करने के प्रति रूचि भी कम हो जाती है ! खास बात यह है कि पुरषो में हार्ट अटैक होने कि दर ज्यादा थी ! 80 मनको के आधार पर यह शोध किया गया था !

एम्स में जीरियाटिक विभाग के डॉक्टर हरजीत भाटी ने यह शोध किया है ! उन्होंने बताया कि इस शोध में  60 से 100 की उम्र के बीच के लोगो को शामिल किया गया था ! जिसमे 220 लोग ऐसे थे जिन्हे हार्ट अटैक हो चुका था ! वहीँ अन्य 220 सवस्थ थे ! इस शोघ को उन्होंने 2013  में शुरू किया था ! उन्होंने बताया कि यह बुजुर्ग सिंड्रोम कि वजह से बुजुर्ग हार्ट अटैक के शिकार होते है ! शोध में यह साफ़ तोर पर सामने आया है कि जिन बुजुर्गो को अवसाद , डिमेंशिया , फ़ॉलोफार्मेसी , कांगनीजेटिव जैसी दिक्कते होती है , उनमे हार्ट अटैक होने कि संभावना बढ़ जाती है ! यानि इन लोगो को ह्रदय संबंधी बीमारियां सबसे अधिक होती है ! ये सभी दिक्कते बुजुर्गो को अधिक उम्र में होती है ! इस शोध में सामने आया कि 70 . 5 फीसदी पुरषो को हार्ट अटैक हुआ था , वहीँ महिलाओ में यह आंकड़ा 29 . 5 फीसदी दर्ज हुआ था ! इन सभी लोगो से शारीरक जांच और कई तरह के सवाल पूछे गए थे !

सिगरेट पीने से ज्यादा दिक्कत : डॉक्टर भाटी ने बताया कि सिगरेट पीना हार्ट अटैक कि एक बड़ी वजह रही ! इन लोगो के चलने फिरने की गति में दिक्कत थी ! यह बुजुर्ग अपने रोज़ाना के काम करने के लिए भी दुसरो पर निर्भर है ! उन्होंने बताया की भारत में ह्रदय संबधी रोग लगातार बढ़ रहे है ! उन्होंने बताया की हार्ट अटैक से पीड़ित लोग पांच से ज्यादा दवाई भी ले रहे थे ! वहीँ यह दिक्कत मध्य आय वर्ग और निम्न आय वर्ग में ज्यादा थी !

इन लक्षण से  सावधान : अधिक उम्र में मुट्ठी नहीं बंध पा रही है.. चीज़ो को ठीक से नहीं पढ़ पा रहे है तो सावधान होने की जरूरत है ! भूलने की दिक्कत हो तो ध्यान देने की जरूरत है ! ऐसे मरीजों को कई आम  संक्रमण सामान्य से ज्यादा समय लेता है !

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