किशमिश के औषधीय गुण, फायदे तथा इसे खाने के तरीके

437

हेल्थ कार्नर :-   किशमिश एक ऐसा मेवा है, जिसे स्वाद के लिए खाना कई लोग पसंद करते है। किशमिश सूखे हुए अंगूर का दूसरा रूप है। इसमें अंगूर के सारे गुण मौजूद होते हैं। किशमिश लाल और काली दो तरह की होती है। किशमिश हल्की, आसानी से पचने वाली रक्त बढ़ाने का काम करती है। इसमें दूध के सभी तत्त्व मौजूद होते हैं। दूध के अभाव में इसका उपयोग किया जा सकता है। यह दूध से जल्दी पचती है। वैसे तो किशमिश का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है। किशमिश के पानी का भी सेवन किया जाता है जिसमे कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं । तो चलिए आज हम आपको किशमिश और इसके पानी को पीने के कुछ बेहतरीन लाभों के बारे में बताते हैं

किशमिश के औषधीय गुण, फायदे तथा इसे खाने के तरीके

किशमिश के बेहतरीन औषधीय गुण तथा फायदे

बच्चों के नाश्ते में किशमिश को शामिल करें। उन्हें रात को भिगोकर सुबह भी खाने को दे सकते हैं। किशमिश पौष्टिक, रोगनाशक भोजन है यह दिमाग के लिए भी फायदेमंद होती हैं ।
दिमागी तरावट के लिए -हरी किशमिश के 40 दाने धोकर सौ ग्राम अर्क गुलाब में रात भर भिगोये रखें। सुबह किशमिश निकाल कर खा लें और ऊपर से गुलाब के अर्क में स्वादनुसार चीनी मिलाकर खाएं। इसे 21 दिनों तक लें |
शहद और किशमिश को एक साथ लेने से भी कई बीमारियों से बचाव होता है ।
सबसे पहले एक बोतल में 250 मि.ली. शहद लीजिये और इसमें 150 ग्राम किशमिश मिला दीजिये। फिर इस बोतल के ढक्कन को बंद करके 48 घंटे तक यानि दो दिन तक कमरें में रख दीजिये | दो दिनों के बाद यह सेवन करने के लिए तैयार हो जायेगा। इस नुस्खे का सेवन रोज सुबह खाली पेट करें। खाली पेट 5 किशमिश और शहद को चबाकर खाएं और इसे खाने के लगभग 1 घंटा तक कुछ भी न खाएं। इस प्रकार इस नुस्खे का लगातार 1 महीने तक सेवन करें।
किशमिश के लाभ ह्रदय के लिए –30 किशमिश धोकर मिट्टी के बर्तन में एक कप पानी में डाल दें। इसमें चने की दाल के बराबर केसर डाल दें। रात को इन सबको भिगो दें। पतले कपड़े से इस बर्तन का मुँह बाँधकर खुले स्थान पर रख दें। सुबह पानी छानकर किशमिश खाकर यह पानी पियें। इस तरह दस दिन सेवन करें। हृदय को बहुत शक्ति मिलेगी।
किशमिश के लाभ खून बढ़ाने के लिए –30 किशमिश धोकर 250 ग्राम दूध में उबालकर रोजाना रात को सोते समय सेवन करने से रक्त बढ़ता है। पाचन-शक्ति को बल मिलता है। रक्तचाप कम हो या अधिक, सही स्तर पर बना रहता है।
चेचक, खसरा, चिकन पोक्स होने पर 25 किशमिश के एक कप दूध या पानी में उबाल कर किशमिश खायें तथा पानी पियें। लाभ होगा।
मुँह में खुश्की या मुंह सूख जाने पर किशमिश खायें।