किसी भी राशि के लोग जो डिप्रेशन में रहते हैं, वे इन मंत्रों का उच्चारण करें मिलेगी राहत

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आप सभी का एक बार फिर से जीवनमंत्र में स्वागत है। जिंदगी के कई अहम पड़ाव जैसे- किसी नजदीकी की मौत, नौकरी का चले जाना या शादी का टूट जाना। यह सब वजह आमतौर पर डिप्रेशन के लिए जिम्मेदार होती हैं। इनके साथ ही अगर आपके मन में हर समय कुछ बुरा होने की आशंका लगी रहती है। तो इससे भी डिप्रेशन में जाने का खतरा बना रहता है। कई लोग हमेशा सोचते हैं कि मैं तो हर चीज में विफल हूं। इतना ही नहीं डिप्रेशन बिना किसी एक खास कारण के भी हो सकता है। यह धीरे-धीरे घर कर लेता है और आप उसी से संघर्ष करते रहते हैं। डिप्रेशन से ग्रसित लोगों में गुस्सा, शर्म और उसके अंदर एक खालीपन महसूस होता है। जो चीजें पहले खुशी और उत्साह देती थी।

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वही बेकार लगने लगती हैं। इसके साथ उस व्यक्ति में खाने के प्रति अरुचि भी उत्पन्न हो जाती है। जैसे या तो वह बहुत खाएगा या फिर खाना बंद कर देगा। ऐसे में व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले पाता है। यादाश्त कमजोर हो जाती है और किसी काम में मन नहीं लगता हैं। कई लोग अवसाद का सही इलाज ना पाने की वजह से आत्महत्या तक कर लेते हैं। अवसाद को अगर खत्म करना है तो उस व्यक्ति को प्यार और सहारा देने के साथ उस व्यक्ति को अवसाद से बाहर आने के लिए आध्यात्मिक का सहारा लेना चाहिए। जब इंसान अपने मन को जानने लगता है और भगवान पर भरोसा करता है। तब आसानी से वह अवसाद मुक्त हो सकता है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे मंत्रों के बारे में बताने जा रहे हैं। जो आपको अवसाद से बाहर आने में सहायता करेंगे।

संकटनाशक गणेश स्रोत- विघ्नहर्ता गणेश सभी बाधाओं को दूर करते हैं। उनके आशीर्वाद से इंसान को सुख और समृद्धि प्राप्त होती है। इन्हें संकट नाशक भी कहा जाता है। जो हर समस्याओं को नष्ट कर देते हैं। आप संकटनाशक गणेश मंत्र का प्रतिदिन जाप करें। इससे आपके मन को बल प्राप्त होगा और बहुत जल्दी आपका अवसाद खत्म हो जाएगा।

  • प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।। भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायु:कामार्थसिद्धये ।।१ ।।
  • प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।। तृतीयं कृष्णपिङ्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।।२ ।।
  • लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।।३ ।।
  • नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् । एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।।४ ।।
  • द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर: । न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ।।५ ।।
  • विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।।६ ।।
  • जपेत् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत् । संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।।७ ।।
  • अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा य: समर्पयेत् । तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत: ।।८ ।।
  • इति श्री नारदपुराणे संकटविनाशनं श्रीगणपतिस्तोत्रं संपूर्णम् 

महाकाली मंत्र- माता महाकाली बुराई और दुष्ट शक्तियों को नष्ट करती है। इनका यह रूप बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली होता है। साथ ही इन्हें प्रेम और दया की मूरत के रूप में भी जाना जाता है। इनके मंत्र के जाप से मन की सभी नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती हैं और मन शांत होता है।

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

नरसिंह मंत्र- डिप्रेशन को दूर करने के लिए नरसिंह मंत्र से कोई और बेहतर मंत्र नहीं है। इससे अवसाद की परेशानी बहुत जल्दी ठीक हो जाती है। इसके लिए व्यक्ति को 48 दिनों तक इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करते वक्त सामने एक तांबे के गिलास में पानी भरकर रखते हैं और 108 बार जाप करने के बाद इस पानी को पी जाएं। आपको बहुत जल्द लाभ दिखने लगेगा।

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् ॥