क्या आप जानते हैं कि ईद साल में दो बार मनाई जाती है? अगर नही तो जरूर जाने

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चांद के दीदार होने के बाद पूरे देश में ईद मनाई जाएगी। हम सभी जानते हैं कि ईद का त्यौहार मुस्लिम समाज के लोगों के लिए पाक त्यौहार होता है। इस त्यौहार को मुस्लिम समाज के लोग बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि ईद साल में दो बार मनाई जाती है। अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं।

क्या आप जानते हैं कि ईद साल में दो बार मनाई जाती है? अगर नही तो जरूर

दरअसल, इस्लामिक कैलेण्डर के अनुसार, साल में दो ईद आती है। एक ईद-उल-जुहा तो दूसरा ईद-उल-फितर। ईद-उल-जुहा को बकरीद के नाम से जाना जाता है जबकि रमजान के 30वें रोज चांद को देखकर ईद-उल-फितर मनाई जाती है। ईद-उल-फितर रमजान महीने के आखिरी दिन मनाया जाता है।

कहा जाता है कि 624 ईस्वी में पहली बार ईद-उल-फितर मनाई गई थी। बताया जाता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद के युद्ध में विजय प्राप्त करने की खुशी में मनाई गई थी। तभी से ईद-उल-फितर यानि कि ईद मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समाज के लोग सुबह उठकर मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, इसके बाद एक दूसरे गले मिलकर ईद मुबारकबाद देते हैं। कहा जाता है कि इस दिन ऐसा करने आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना बढ़ती है।

वहीं, ईद-उल-जुहा बकरीद को कहा जाता है। इसका मतलब कुर्बानी होता है। मुस्लिम धर्म के लोगों के लिए यह त्यौहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यह त्यौहार रमजान खत्म हो जाने को 70 दिनों के बाद मनाया जाता है। बताया जाता है कि इस दिन हजरत इब्राहिम साहब अपने बेटे की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे। कहा जाता है कि अल्लाह उनके बेटे को जीवनदान दे दिया था। तब ही से हजरत इब्राहिम साहब के बेटे की याद में बकरीद मनाई जाती है