क्या आप जानते है? देवी दुर्गा के इन रूपों के नाम पर पड़ा है भारत के इन शहरों का नाम

क्या आप जनतेव है  देवी दुर्गा के इन रूपों के नाम पर पड़ा है भारत के इन शहरों का नाम

क्या आप जनतेव है  देवी दुर्गा के इन रूपों के नाम पर पड़ा है भारत के इन शहरों का नामलाइव हिंदी खबर :- भारत में मां भगवती के कई मंदिर स्थित हैं जो अपनी मान्यता के लिए जाने जाते हैं।जहां दिनों रात भक्तों की भारी भीड़ इकठ्ठा होती है। इस मौके पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारत के कुछ ऐसे बड़े शहर हैं जिनका नाम मां दुर्गा के रूपों पर पड़ा है। हालांकि ये मान्यताएं हैं लेकिन कहीं न कहीं इनके नाम देवी दुर्गा के जुड़े हैं। इन नाम के पीछे कई किंवदंती भी प्रचलित हैं।

आइए जानते हैं इन शहरों के बार में-

नैनीताल

नैना देवी मंदिर के बारे में कौन नहीं परिचित हैं जो उत्तराखंड नैनीताल के नाम में स्थित है। नैनीताल पर्यटकों के घूमने की लिस्ट में सबसे पहले में शामिल होता है। यह मंदिर प्रमुख शक्ति पीठ मंदिरों में भी शुमार है। यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं। नैनी झील के बारें में माना जाता है कि जब शिव सती की मृत देह को लेकर कैलाश पर्वत जा रहे थे, तब जहां-जहां उनके शरीर के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठों की स्‍थापना हुई। नैना देवी के नाम से ही इस शहर को नैनीताल नाम मिला यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है।

मैंगलोर

दक्षिण भारत के कर्नाटक में स्थित मैंगलोर का नाम देवी मंगला के नाम पर पड़ा है। मंदिर को 9 वीं सदी में तमिलनाडु के राजा कुंदावर्मा ने बनवाया था। देवी मंगलादेवी मंदिर की मुख्य देवी हैं। नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा आयोजित की जाती हैं। नवरात्रि त्योहार के नौवें दिन पर, एक भव्य जुलूस, रथोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें देवता एक भव्य रथ पर सवार होते हैं। लोगों की यह धारणा है, कि मंगलादेवी मन्दिर में जाकर प्रार्थना करने से अच्छा समय आता है।

पटना

पाटन देवी मंदिर भारत की 51 शक्तिपीठों में से एक पाटन देवी मंदिर बिहार के पटना में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती पर वार किया था को उनके शव की “दाहिनी जांघ” यहां गिरी गयी थी। वास्तविक तौर पर इस प्राचीन मंदिर को माँ सर्वानंद कारी पटनेश्वरी कहा जाता है, जिसे देवी दुर्गा का निवास्थान माना जाता है।’

दिल्ली

दिल्ली के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 5000 वर्ष पूर्व पांडवों भाइयों द्वारा की गई थी।  दिल्ली के महरोली स्थित योगमायामंदिर प्राचीन हिन्दू मंदिर है जो देवी योगमाया को समर्पित है। योगामाया भगवान श्री कृष्ण जी की बहन थी। इस मंदिर का नाम दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में आता है। श्री योगमाया में सभी त्यौहार मनाये जाते है विशेष कर दुर्गा पूजा व नवरात्र के त्यौहार पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। इस दिन मंदिर को फूलो व लाईट से सजाया जाता है। मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के दिल और दिमाग को शांति प्रदान करता है।

मुंबई

मुंबई का नाम सुनते ही जहन में कई प्रकार चित्र जेहन में घूमने लग जाते हैं। जिनमें समुद्र, लोकल ट्रेन, चर्च गेट जैसी जगहें शामिल हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि मुंबई का नाम देवी दुर्गा के नाम पर पड़ा है।देवी मुम्बा के नाम पर मुंबई का नाम मिला है जो मुंबई की जावेरी बाजार रोड पर स्थित है। यह मंदिर मुम्बा देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण 1737 में किया गया था, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया था। जिसके पश्चात भुलेश्वर में नए मंदिर का निर्माण करवाया गया। आपको बता दे, मुम्बादेवी मंदिर अन्य शहरों में नहीं है क्योकि ये यहाँ की निवासी / इष्ट देवी है जो इस शहर का संरक्षण करती है। ये मंदिर लगभग छः सदी पुरानी है।

चंडीगढ़

चड़ीगढ़ का नाम देवी चंडी के नाम पर पड़ा है जो पंजाब और हरियाणा की राजधानी है। चंडी देवी मंदिर शहर से करीबन 15 किमी की दूरी पर कालका रोड पर स्थित हैं, नवरात्र के दौरान इस मंदिर में स्थानीय श्रद्धालु और पर्यटक मत्था टेकने पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां दर्शन मात्र से सारे दुख दूर हो जाते हैं।

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