घर में कभी नहीं आएगी धन की कमी, हमेशा भरी रहेगी जेब करे ये उपाय

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कुबेर को रावण के सौतेले भाई माना जाता है, लेकिन शास्त्रों में धन के देवता कुबेर को भगवान शिव का द्वारपाल भी बताया गया है। कुबेर जी को अपने ब्राह्मण गुणों के कारण देवता बनाया गया है। इसलिए उनकी पूजा की जाती है। धन लाभ के लिए लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है किंतु लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ कुबेर जी की पूजा से अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है। पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की सिर्फ लक्ष्मी जी की पूजा मात्र से धन लाभ नहीं होता है। व्यक्ति को धन के देवता कुबेर को भी प्रसन्न करना होता है। धन के देवता कुबेर सच्चे मन से की गई प्रार्थना को जरुर ही स्वीकार कर धन वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। तो आइए जानते हैं कुबेर जी को कैसे प्रसन्न किया जा सकता है, क्या है उपाय…..

घर में कभी नहीं आएगी धन की कमी, हमेशा भरी रहेगी जेब

घर में उत्तर-पूर्व दिशा में एक साफ़ जगह को गो मूत्र या गंगाजल से साफ कर लें। इसके बाद एक साफ़ लकडी का पाटा उस स्थान पर रख लीजिए। फिर एक चमेली के तेल की शीशी, 50 सफ़ेद मोमबत्ती और 50 हरी मोमबत्ती लें, इसके बाद पाटे को साफ़ कर उसपे एक हरी मोमबत्ती और एक सफ़ेद मोमबत्ती को चमेली के तेल में डुबोकर पाटे पर रख दें, दोनों को एक माचिस की तीली जलाकर एक दूसरे से 9 इंच की दूरी पर पाटे पर चिपका दें। ध्यान रहे पाटे पर बाईं तरफ़ हरी मोमबत्ती और दाहिनी तरफ़ सफ़ेद मोमबत्ती रखें और पहले हरी मोमबत्ती को जलाएं उसके बाद सफ़ेद मोमबत्ती को जलाएं…

दोनों मोमबत्तियों को देखकर मन में प्रार्थना करें, ‘हे धन के देवता कुबेर, मुझे धन की अमुक (जिस काम के लिए धन की जरूरत हो उसका नाम) काम के लिए जरूरत है, मुझे ईमानदारी से धन को प्राप्त करने में सहायता करें। प्रार्थना करने के बाद मोमबत्ती को जलता हुआ छोड़ कर अपने काम में लग जाइए।

दूसरे दिन अगर मोमबत्ती पूरी जल गई है, तो उस जले हुये मोम को वहीं पर लगा रहने दें और नहीं जली है तो वैसी ही रहने दें। दूसरी मोमबत्तियों को पहले दिन की तरह से ले लीजिए और पहले जली हुई मोमबत्तियों से एक दूसरी के नजदीक लगाकर जलाकर पहले दिन की तरह से वही प्रार्थना करें। जितनी ही मोमबत्तियां पास आती जाएंगी। धन आने का साधन बनता चला जाएगा। ऐसा 50 दिनों तक एक निश्चित समय पर करें। धन आने के योग बन जाएंगे।

जब धन प्राप्त हो जाए तो पास के किसी धार्मिक स्थान पर या पास की किसी बहती नदी में उस मोमबत्तियों के पिघले मोम को ले जाकर बहा दें। ध्यान रखें की इस प्रकार से प्राप्त धन को किसी प्रकार के गलत काम में मत प्रयोग करिए, वरना नुकसान हो सकता है।