चुटकियों में दूर होने लगेंगी हर परेशानियां,रोज करें सूर्यास्त के बाद इस मंत्र का जाप

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तुलसी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। पुराणों और शास्त्रों में भी तुलसी को माता लक्ष्मी का रुप माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि जिस घर पर विपत्ती आती है, तो लक्ष्मी यानी की तुलसी सूख जाती है और तुलसी के सुखने का मतलब लक्ष्मी के घर से चले जाने का संकेत होता है। क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां होता है। वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता।

सूर्यास्त के बाद रोज करें इस मंत्र का जाप, चुटकियों में दूर होने लगेंगी हर परेशानियां

मान्यताओं के अनुसार लगभग हर घर में तुलसी की पूजा की जाती है। तुलसी को सुबह जल चढ़ाया जाता है। हमारे शास्त्र तुलसी के गुणों से भरे पड़े हैं, जन्म से लेकर मृत्यु तक तुलसी बहुत काम आती है। कहा जाता है, तुलसी हमारे घर या भवन के समस्त दोष को दूर कर हमारे जीवन को निरोग एवं सुखमय बनाती है। पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार तुलसी के सामने दीपक जलाकर मंत्र जाप करना बहुत शुभ होता है। लेकिन एक बात ध्यान रखें की सूर्यास्त के बाद तुलसी को जल कभी ना चढ़ाएं और ना ही उसे स्पर्श करें। पूजा में तुलसी नामाष्टक मंत्र का जाप करना चाहिए…

मंत्र
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतनामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलभेत।।

कैसे करें तुलसी मंत्र का जाप

सूर्यास्त के बाद पवित्र होकर तुलसी की पूजा और परिक्रमा करें। घी का दीप जलाएं। इसके बाद तुलसी के सामने बैठकर तुलसी की माला से इस मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप करते समय मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें। मंत्र जाप के बाद भगवान से परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें और पूजा में हुई भूल-चूक की क्षमा प्रार्थना करें। इस प्रकार हर तुलसी की पूजा करें, इससे आपके घर परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही आपके घर की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और आय में वृद्धि होती है।