जानिए आलूबुखारा के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज के बारे में, आप अभी

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हेल्थ कार्नर :-   आलूबुखारे का पेड़ लगभग 4 से 5 मीटर ऊंचा होता है। वैसे देखा जाए तो यह पर्शिया, ग्रीस और अरब के आस-पास के क्षेत्रों में बहुत होता है। इसके बीज बादाम के बीज की तरह ही परन्तु कुछ छोटे होते हैं। इसका फल आकार में दीर्घ वर्तुलाकार होकर एक ओर फूला हुआ होता है। अच्छी तरह पकने पर यह फल खट्टा, मीठा, रुचिकर और शरीर को फायदेमंद होता है। इसलिए दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको आलूबुखारा के फायदों के बारे में बताने वाले हैं, तो आइए जानते हैं आलूबुखारा के फायदों के बारे में

जानिए आलूबुखारा के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज के बारे में, आप अभी

आपको बता दें कि आलूबुखारा खाने से स्वभाव को कोमल होता है उसके साथ है आंतों में चिकनाहट पैदा होती है, पित्त बुखार और रक्त ज्वर में लाभकारी है। उसके साथ ही आलूबुखारे को पानी में घिसकर पीने से पेट साफ हो जाता है। आलूबुखारे को पीसकर नींबू के रस में मिलाकर उसमें कालीमिर्च, जीरा, सोंठ, कालानमक, सेंधानमक, धनिया, अजवायन बराबर मात्रा में मिलाकर चटनी की तरह बनाकर पीने से उल्टी आना बंद हो जाती है।