जानिए कैसे पिपली रोकती है कैंसर को बढ़ने से

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लाइव हिंदी खबर (हेल्थ कार्नर ) :-  जैव रसायन विज्ञान जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार भारतीय मसालों में इस्तेमाल होने वाली पिपली में कैंसररोधी गुण पाए जाते हैं। शोध के अनुसार इसमें मौजूद खास तत्त्व (पिपरलोंगुमाइन) उस एंजाइम को बढ़ने से रोकता है जो ट्यूमर में काफी मात्रा में पाया जाता है। यह खासकर प्रोस्टेट, बे्रस्ट, फेफड़े, लिम्फोमा, ल्यूकीमिया और बे्रन व अमाशय के कैंसर की शुरुआती स्टेज में खास लाभकारी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल दवा बनाने में किया जा सकता है। जिसका इस्तेमाल कई तरह के कैंसर के इलाज में किया जा सकता है।

कैंसर को बढ़ने से रोकती है पिपली

पिपली के अन्य लाभ
– दांतों के रोग के इलाज के लिए 1-2 ग्राम पीपली चूर्ण में सेंधा नमक, हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर लगाएं। इससे दांतों का दर्द ठीक होता है।

– पीप्पली चूर्ण (pippali churna) में मधु एवं घी मिलाकर दांतों पर लेप करने से भी दांत के दर्द में फायदा (pipali ke fayde) होता है।

भारतीय लम्बी काली मिर्च 'पिप्पली' में मिले कैंसर को खत्म करने वाले गुण– 3 ग्राम पिप्पली चूर्ण में 3 ग्राम मधु और घी मिलाकर दिन में 3-4 बार दाँतों पर लेप करें। इससे दांत में ठंड लगने की परेशानी में लाभ (benefits of long) मिलता है।

– किसी व्यक्ति को जबड़े से संबंधित परेशानी हो रही हो तो उसे काली पिप्पली (kali pipli) तथा अदरक को बार-बार चबाकर थूकना चाहिए। इसके बाद गर्म पानी से कुल्ला करना चाहिए। इससे जबड़े की बीमारी ठीक हो जाती है।

– पिप्पली के 3-5 ग्राम पेस्ट को घी में भून लें। इसमें सेंधा नमक और शहद मिलाकर सेवन करें। इससे कफज विकार के कारण होने वाली खांसी में लाभ (pipali ke fayde) होता है।

Swami Ramdev: Amazing Health Benefits Of Long Pepper Or Pippali: कैंसर सहित कई बीमारियों के लिए फायदेमंद पिप्पली, जानिए इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ - India TV Hindi News

– इसी तरह 500 मिग्रा पिप्पली चूर्ण (pippali churna) में मधु मिलाकर सेवन करें। इससे बच्चों की खांसी, सांसों की बीमारी, बुखार, हिचकी आदि समस्याएं ठीक होती हैं।