जानिए बांस के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

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हेल्थ कार्नर :-बांस का पेड़ भारत में सभी जगहों पर पाया जाता है। यह कोंकण (महाराष्ट्र) में अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह 25-30 मीटर तक ऊंचा होता है, इसके पत्ते लम्बे होते हैं। बांस की जड़ें शरीर को स्वच्छ और शुद्ध बनाती हैं। इसकी जड़ों को जलाकर बारीक पीसकर चमेली के तेल में मिलाकर यदि हम गंजे सिर में लगाते हैं तो इससे गंजे सिर में आराम मिलता है। शहद के साथ बांस के पत्तों का रस मिलाकर लेने से खांसी खत्म हो जाती है।

जानिए बांस के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से स्त्रियों में रुका हुआ मासिक-धर्म पुन: शुरू हो जाता है। इसकी जड़ों का अचार बनाकर खाने से वात, कफ और खून के विकार दूर होते हैं तथा पित्त, सफेद दाग, सूजन भर जाते हैं। बांस की मुलायम पत्तियों का रस लगाने से आंख फड़कना बंद हो जाती है। उसके साथ ही बांस का रस, अदरक का रस और शहद को एक साथ मिलाकर कुछ समय तक सेवन करने से खांसी, दमा आदि रोग ठीक हो जाते हैं।