जितने अनोखे हैं भारत के ये गांव, उतनी ही अनोखी है यहां की परम्पराएं, यहाँ जानिए आप भी

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जितने अनोखे हैं भारत के ये गांव, उतनी ही अनोखी है यहां की परम्पराएं, यहाँ जानिए आप भी

लाइव हिंदी खबर :- भारत जैसे महान देश में आश्चर्यजनक चीजों की कमी नहीं है। ऐसे ही हिमाचल प्रदेश भी अपनी कुछ परंपराओं के लिए जाना जाता है जो सुनने में थोड़ी अटपटी हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के दूरदराज इलाके में बसा मलाणा नाम का एक गांव है, जो देशभर में एक ही ऐसा गांव है जहां अकबर की पूजा होती है। यहां कोई कानून नहीं माना जाता, बल्कि गांव ने अपने ही बनाए कानूनों का पालन करते हैं।

गांव की एक संसद है जो यहां सारे फैसले लेती है। यहां किसी बाहरी आदमी के छूने तक की मनाही है। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बसे शनि शिंगणापुर, से तो आप सभी वाकिफ होंगे। इस अनोखे गांव में कभी चोरी नहीं होती है। इसलिए गांव के किसी घर में दरवाजे नहीं होते। यहां के लोगों का मानना है कि शनि देव गांव की रक्षा करते हैं और इसी लिए यहां किसी के घर में कभी ताले नहीं लगाए जाते।

कर्नाटक से 10 किलोमीटर दूर झिरी नाम का एक गांव है इस गांव की खासियत है कि यहां के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते हैं। बचपन से ही सारी शिक्षा-दीक्षा संस्कृत में दी जाती है। सोशल मीडिया पर खासा चर्चे में रहा है केरल का ये गांव।

मलप्पुरम जिले में कोडिन्ही नाम से एक गांव है जहां जुड़वा लोगों की भरमार है। जिस वजह से इसे ट्विंस विलेज के नाम से जाना जाता है। शायद आपको पता न हो विश्वस्तर पर एक हजार बच्चों में से सिर्फ चार जुड़वा बच्चे होते हैं लेकिन यहां ये प्रतिशत काफी ज्यादा है। एक सर्वे में पाया गया कि यहां एक हजार बच्चों में 45 बच्चे जुडवा होते हैं।