डाइबिटीज़ (मधुमेह) जैसी गंभीर बीमारी से छुटकारा पाने के लिए करे इन घरेलु टिप्स का पालन

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अग्नाशय ग्रंथि की विकृति से जब शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम हो जाती है तो कार्बोहाइड्रेट्स की पाचन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती ! ऐसी अवस्था में शर्करा का पाचन नहीं होने से वह रक्त में मिलने लगती है या मूत्र के साथ शरीर से निकलने लगती है ! शर्करा के निष्कासित होने से शरीर निर्बल होने लगता है ! स्थूल स्त्री – पुरुष को मधुमेह ज्यादा होता है !

लक्षण : डाइबिटीज के रोग में रोगी को अधिक भूख और अधिक प्यास लगने लगती है ! रोगी को थोड़ी थोड़ी देर के बाद मूत्र त्याग के लिए जाना पड़ता है  ! शरीर में खुजली होने लगती है ! स्त्रियों को जनेंद्रियाँ पर अधिक खुजली होने लगती है ! नपुंसकता आने लगती है और नेत्र दृष्टि खतम होने लगती है ! रोगी दिन पर दिन निर्बल होता जाता है ! मधुमेह की उग्रावस्था में उच्च रक्तचाप , गुर्दो में विकृति होती है ! रक्त में शर्करा की मात्रा बिलकुल कम हो जाने पर ” कोमा ” हो जाता है

मधुमेह बीमारी का असली कारण जब तक आप लोग नही समझेगे आपकी मधुमेह कभी भी ठीक नही हो सकती है ! जब आपके रक्त में वसा (गंदे कोलेस्ट्रोल)LDL की मात्रा बढ जाती है तब रक्त में मोजूद कोलेस्ट्रोल कोशिकाओ के चारों तरफ चिपक जाता है !और खून में मोजूद जो इन्सुलिन है कोशिकाओं तक नही पहुँच पाता है (इंसुलिन की मात्रा तो पर्याप्त होती है किन्तु इससे द्वारो को खोला नहीं जा सकता है, अर्थात पूरे ग्लूकोज को ग्रहण कर सकने के लिए रिसेप्टरों की संख्या कम हो सकती है) और इसी वजह से मधुमेह हो जाता है ! इसको दूर करने के कुछ घरेलू उपचार !

घरेलू उपचार :

  • मधुमेह रोग में शर्करा का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए ! भोजन में ऐसे खाद्य का इस्तमाल न करे जिसमे कार्बोहइड्रेट की मात्रा अधिक हो ! घी , मक्खन और मैदे से बनी चीजों भी मधुमेह में हानि पहुँचती है !
  • सदाबहार के कोमल , ताजे ५ पत्ते रोज सुबह सेवन करने से मधुमेह में बहुत लाभ होता है !
  • ५ ग्राम मेथी के दाने कप में जल भरकर , उसमे डालकर रखें ! और सुबह को उसी जल में मेथी को पीसकर सेवन करने से रक्त में शर्करा का मिलान बंद होता है !
  • आंवले का रस १० ग्राम , हल्दी १ ग्राम और मधु ३ ग्राम मिलकर सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है !
  • करेले का ५ ग्राम रस रोज पीने से मधुमेह में बहुत फायदा होता है !
  • जामुन खाने से मधुमेह में बहुत लाभ होता है ! पाचन क्रिया सरलता से होती है !
  • जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर , कूट – पीसकर चूर्ण बनाकर रखें ! सुबह और शाम को ३ – ३ ग्राम जल के साथ सेवन करने से बहुत लाभ होता है !
  • जामुन की गुठली का चूर्ण और करेले का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर रखें ! प्रीतिदिन ३ ग्राम सुबह शाम जल के साथ सेवन करें !
  • ५० ग्राम करेले को १०० ग्राम जल में उबालकर पीने से मधुमेह में बहुत लाभ होता है !
  • भोजन से आधा घंटा पहले ५ ग्राम मेथी का चूर्ण जल के साथ सेवन करने पर मधुमेह में लाभ होता है !
  • अधिक प्यास लगने पर जल में थोड़ा सा निम्बू का रास मिलाकर पीने से लाभ होता है !
  • जामुन की भीतरी छाल को जलाकर भस्म बनाकर रखें ! प्रतिदिन २ ग्राम जल के साथ सेवन करने से मूत्र में शर्करा का निष्कासन कम होता है !
  • चने और जौ के आटे की बनी रोटी खाने से मधुमेह रोगी को लाभ होता है ! पाचन क्रिया सरल हो जाती है !
  • जामुन का चूर्ण ३ ग्राम और गुड़मार वटी का चूर्ण ३ ग्राम मिलकर जल के साथ सेवन करने से मधुमेह में बहुत लाभ होता है !

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