तुलसी जितनी फायदेमंद है उतनी ही हो सकती है खतरनाक, तुलसी का पत्ता तोड़ते समय याद रखें ये बात

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हिंदू मान्यताओं के अनुसार तुलसी को बहुत ही पवित्र पौधा माना जाता है, इसके साथ ही तुलसी का पौधा लगभग हर घर में होता है। घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। तुलसी की पूजा भी की जाती है। विशेष रूप से जहां भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, वहां पर तुलसी की पूजा भी होती है। ये सिर्फ पूजा के लिए ही नहीं बल्कि तुलसी एक एंटीबायोटिक के रुप में भी उपयोग की जाती है। माना जाता है की जो व्यक्ति रोज़ तुलसी का सेवन करते हैं, उसका स्वास्थ्य भी हमेशा अच्छा रहता है। तुलसी को भगवान के भोग के लिए भी उपयोग में लिया जाता है। लेकिन तुलसी जितनी फायदेमंद है उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। कैसे आइए जानते हैं….

तुलसी जितनी फायदेमंद है उतनी ही हो सकती है खतरनाक  तुलसी का पत्ता तोड़ते समय याद रखें ये बात, वरना शुभ फल की जगह मिल सकता है श्राप

धर्म ग्रंथों में कहा गया है की भगवान के भोग में तुलसी के पत्ते का होना अतिआवश्यक होता है। विष्णु जी को तुलसी के पत्ते के बिना भोग नहीं लगाया जाता है। वहीं दूसरी तरफ तुलसी का पौधा स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन शास्त्रों के अनुसार बिना मंत्र बोले तुलसी के पत्ते तोड़ने से आपको श्राप मिल सकता है। माना जाता है की तुलसी पर बिना मंत्र बोले जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही बिना मंत्र बोले तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए, क्योंकि अगर कोई बिना मंत्रों का जाप किए तुलसी पर जल अर्पित करता है और पत्ते तोड़ता है तो उसे उस शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है जो मंत्र जाप के पश्चात होती है। शास्त्रों में कुछ मंत्र बताए गए है जोकी तुलसी पर जल अर्पित करते समय या तुलसी के पत्ते तोड़ते समय बोल दें, इससे सुख-समृद्धि और धन-संपदा व तुलसी मैय्या का आशीर्वाद बना रहता है….

तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले तीन इस मंत्र को बोल दें

ॐ मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी,
नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।

तुलसी पर जल चढ़ाते समय करें इस मंत्र का जाप

महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी,
आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।।