तुलसी माता की पूजा करने की ये है असली विधि, यहाँ आप भी जानिए

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तुलसी माता की पूजा करने की ये है असली विधि, यहाँ आप भी जानिएलाइव हिंदी खबर :-भगवान श्री कृष्ण तुलसी माता से बहुत ही अधिक प्रेम करते थे। इसीलिए तुलसी विवाह में भगवान श्रीकृष्ण से उनकी शादी भी कराई है। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है जो कोई भी व्यक्ति तुलसी विवाह में भगवान श्री कृष्ण का अपने तुलसी से विवाह करवा देता है। उसके घर में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और माता की कृपा हमेशा ही बनी रहती है।

उसके घर में कभी भी दुख का अभाव नहीं होता है। ऐसे व्यक्ति को लगातार ही सुख समृद्धि हमेशा मिलती रहती है। लेकिन बहुत सारे लोग इस गलती को करते हैं कि तुलसी के पौधे को कहीं भी किसी भी दिशा में कहीं भी लगा देते हैं जिससे उन्हें जीवन में कष्ट मिलने लगता है तो आप इस बात का ध्यान रखना होगा।

उत्तर पूर्व कोने में अभिषेक तुलसी को लगाया करें। यही दिशा यही उत्तम बताई गई है। खासकर कि घर के दक्षिण कोने में तो कभी भी तुलसी का पौधा आप ना लगाएं क्योंकि इससे जीवन में दोष उत्पन्न हो जाते हैं और बहुत ही ज्यादा कष्ट होने लगते हैं। तुलसी का पत्ता जब भी आप खाते हैं तो इस बात का ध्यान रखा करें कि कभी भी तुलसी के पत्ते को चवाया न करें अपमान होता है

आप चाहते हैं कि मन की सभी परेशानी समाप्त हो जाएं। माता लक्ष्मी की कृपा आपको प्राप्त हो जाए तो तुलसी को चुनरी चढ़ाया करें और इस बात का ध्यान रखा करे। की चुनरी बिल्कुल भी ना फटे और अगर फटती है तो इसे तुरंत बदल दे और पुराणी चुनरी को फेक दे और नई चुनरी को उड़ा दें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी अधिक प्रसन्न हो जाती हैं

और उस घर में तुलसी के पौधे में बास करने लगती है और जब भी व्यक्ति तुलसी के चरण छूकर आशीर्वाद लेता है तो माता लक्ष्मी उसकी सभी मनोकामना पूर्ण कर देती हैं यह बात खुद शास्त्रों में लिखी हुई है कि तुलसी का पौधा साक्षात् देवी का ही स्वरूप है। इसीलिए भगवान कृष्ण को है अति प्रिय है। कुछ ऐसी बातें हैं जो हर एक व्यक्ति को अपने घर में ध्यान रखनी चाहिए।