नीति आयोग के शासी परिषद की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (7 अगस्त) को नीति आयोग की शासी (संचालन) परिषद की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक यहां राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में होगी।

इस बैठक के एजेंडे में, अन्य बातों के साथ-साथ फसलों के विविधीकरण और तिलहन व दालों तथा कृषि-समुदायों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना; राष्ट्रीय शिक्षा नीति-स्कूली शिक्षा का कार्यान्वयन; राष्ट्रीय शिक्षा नीति-उच्च शिक्षा का कार्यान्वयन; और शहरी प्रशासन शामिल है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, अब जबकि भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष मना रहा है, राज्यों को चुस्त, लचीला और आत्मनिर्भर होने और सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ने की जरूरत है।

नीति आयोग ने कहा, इस बैठक की तैयारियों के तहत जून 2022 में धर्मशाला में विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जोकि केंद्र और राज्यों की छह महीने चली कड़ी कवायद की परिणति थी। इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री ने की और इसमें सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ-साथ केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

यह भी बताया गया कि शासी परिषद की सातवीं बैठक उपरोक्त विषयों में से प्रत्येक पर एक रोडमैप और परिणाम आधारित कार्य योजना को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी।

बयान के अनुसार, जुलाई 2019 के बाद से शासी परिषद की यह पहली प्रत्यक्ष बैठक होगी। यह बैठक कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में हमारे अमृत काल में प्रवेश और अगले साल भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता तथा शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के आलोक में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

इस बैठक में संघीय प्रणाली की ²ष्टि से भारत की अध्यक्षता के महत्व और जी-20 के मंच पर अपनी प्रगति को उजागर करने में राज्यों की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा।

नीति आयोग का शासी परिषद (गवनिर्ंग काउंसिल) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी के साथ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और रणनीतियों के बारे में साझा ²ष्टिकोण विकसित करने वाली प्रमुख संस्था है।

यह शासी परिषद अंतर-क्षेत्रीय, अंतर-विभागीय और संघीय मुद्दों पर चर्चा करने का एक मंच प्रदान करता है। इसमें भारत के प्रधानमंत्री; सभी राज्यों एवं विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री; अन्य केन्द्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल; पदेन सदस्य; नीति आयोग के उपाध्यक्ष; नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य; और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में केंद्रीय मंत्रीगण शामिल होते हैं।

यह केंद्र और राज्यों के बीच विचार-विमर्श का सबसे महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और संपूर्ण सरकार के ²ष्टिकोण के साथ संगठित कार्रवाई के लिए प्रमुख रणनीतियों की पहचान करता है।

–आईएएनएस

एकेके/आरएचए