पंचक काल में न करें संपत्ति से जुड़े कार्य, वरना हो सकता है भारी नुकसान

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हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। सभी मांगलिक कार्य मुहूर्त को देखकर ही किए जाते हैं, हिंदू परंपरा में मुहूर्त देखकर ही शादी, विवाह, गृह प्रवेश या कोई नई वस्तु खरीदी जाती है। ज्योतिष गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त में किए गए कामों का परिणाम बहुत अच्छा निकलता है। लेकिन ज्योतिष में पंचक को अशुभ माना जाता है। इसलिए ही पंचक में शुभ व मांगलिक कार्यों का करना वर्जित होता है। पंचक के अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं।

पंचक काल में न करें संपत्ति से जुड़े कार्य, वरना हो सकता है भारी नुकसान

पंचक के प्रभाव में 5 दिनों तक संपत्ति से जुड़े मामलों और सरकारी कामों को ना करें इस समय आपको लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि पंचक में किए गए कार्य शुभ फल नहीं देते। पंचक काल के इन 5 दिनों में विशेष संभलकर रहने की आवश्यकता होती है, इसीलिए पंचक के दौरान कोई भी, किसी भी तरह का जोखिमभरा कार्य करने से बचना चाहिए, ऐसा माना जाता है।

पंचक के दिनों में औजारों की खरीददारी, निर्माण कार्य आदि करने की भी शास्त्रों में मनाही हैं। पंचक के समय में पूजा-पाठ और धर्म-ध्यान में व्यतीत करना चाहिए।

पंचक काल में करें ये 5 खास उपाय

1. पंचक में अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो शव का अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की जरुर सलाह लें। यदि सलाह ना ले पाएं तो गरुड़ पूराण के अनुसार शव के साथ पांच पुतले आटे या कुश से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए और इन पांचों का भी शव की तरह पूर्ण विधि-विधान से अंतिम संस्कार करना चाहिए।

2. पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो, उस समय घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है।

3. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में भूलकर भी यात्रा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस दिशा को यमराज की दिशा मानी जाती है। इन नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की यात्रा करना बहुत खतरनाक हो सकती है।

4. यदि पंचक के समय रेवती नक्षत्र चल रहा हो तब उस समय घर बनवाना बहुत ही अशुभ होता है, ऐसा करने से धन हानि होती है और गृह क्लेश भी होता है।

5. विद्वानों के अनुसार माना गया है की पंचक के समय चारपाई यानी खटिया नहीं बनवाना चाहिए, ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।