पाना चाहते है मोती जैसे चमचमाते दांत तो त्याग दे इन चीज़ों को

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हेल्थ कार्नर :-   हम सुबह उठते ही सबसे पहले वाशरूम में जाकर अपना ब्रश हाथ में पकड़ते हैं. देखा जाए तो सुबह का सबसे पहला काम हम यही करते हैं. हमारा टूथपेस्ट, टूथब्रश, माउथवॉश जैसे डेंटल प्रोडक्ट्स अहम भूमिका निभाते हैं. दादी-मां के नुस्खों के साथ-साथ बाज़ारों में मिलने वाले डेंटल प्रोडक्ट्स आदि का इस्तेमाल हम अपने दांतों को चमकदार बनाने की लिए करते हैं. लेकिन तरह-तरह इन उत्पादों का प्रयोग हमारे दांतों के लिए कितना सही है, ये हम नहीं जानते. बस टीवी में एड देखकर उसके मॉडल के दांतों जैसी सुंदरता पाने के लिए बाज़ार से वो प्रोडक्ट खरीद लाते है.

आज हम आपको ऐसे ही कुछ प्रोडक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके हिसाब से दांतों के लिए बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन असलियत कुछ और ही है.

पाना चाहते है मोती जैसे चमचमाते दांत तो त्याग दे इन चीज़ों को

1. इलेक्ट्रिक टूथब्रश

टूथब्रश हमारे दांतों को साफ़ करता है साथ ही दांतों पर जमा प्लाक भी हटाता है. देखा जाए तो इलेक्ट्रिक टूथब्रश दांतों के लिए काफी फायदेमंद हैं, बशर्ते उसको सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए. कुछ लोग इस तरह के ब्रश को यूज़ करते वक़्त उसको तेज़ी से प्रेस कर देते हैं, जिस कारण ब्रिसल्स मुड़ जाते हैं और फिर वो बेकार हो जाते हैं. जबकि ऐसे ब्रश को केवल अपने दांतों से छूनेभर से ये अपना काम यानि दांतों की सफाई शुरू कर देता है. इसलिए अगर आपको इलेक्ट्रिक टूथब्रश इस्तेमाल करना है, तो सबसे पहले डेंटल हाइजीनिस्ट से इसके इस्तेमाल का तरीका समझ लें.

2. वाइटनिंग टूथपेस्ट

आजकल मार्केट में कई तरह और ब्रांड्स के वाइटनिंग टूथपेस्ट आ गए हैं, जो दवा करते है कि उसके इस्तेमाल से आपके दांत ज्यादा सफ़ेद और चमकदार हो जाएंगे. लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं है, बल्कि इस तरह के टूथपेस्ट में कई तरह के केमिकल्स होते हैं, जो कुछ देर के लिए आपके दांतों पर एक परत चढ़ा देते हैं और सेंसिटिविटी छोड़ते हैं. वाइटनिंग टूथपेस्ट दांतों को काला करने का काम भी करते हैं क्योंकि इसके इस्तेमाल से मसूड़ों पर पीली परत जमा होती है, जिसके कारण दांतों का रंग धीरे-धीरे काला होने लगता है. इसलिए वाइटनिंग के चक्कर में अपने दांतों को ख़राब न करें.

3. ब्रश करने के बाद ज्यादा पानी का यूज़ न करें

हम लोग ब्रश करने के बाद पानी से मुंह को साफ़ करते हैं. बार-बार मुंह में पानी भरकर कुल्ला कर देते हैं, जो दांतों के लिए नुकसानदेह होता है. ऐसा करने से फ्लोरिड की मात्रा कम हो जाती है, जिस कारण टूथपेस्ट भी ज्यादा देर तक प्रभावी नहीं रहता है. अगर आपको ब्रश करने के बाद मुंह को साफ़ करना है, तो नॉन-अलकोहल वाले माउथवॉश से कुल्ला करना चाहिए. इसके अलावा ब्रश करने के बाद कम से कम 30 मिनट तक कुछ खाना और पीना नहीं चाहिए.

4. ज़्यादा तेज़ी से ब्रश न करें

अगर आप आपने दांतों कोज्यादा दवाब के साथ ब्रश से स्क्रब करते हैं, तो ये बहुत ही गलत तरीका है. ऐसा करने से दांतों के नीचे की तरफ मसूड़ों के पास जो V-Shape स्किन होती है, वो ख़राब हो जाती है. बार-बार ऐसा करने से मसूड़े कमज़ोर हो जाते हैं. ब्रश करने की शुरुआत हमेशा एक साइड से ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि दांतों को साफ़ करने की अपनी तकनीक को बदलते रहना चाहिए ताकि आपके मसूड़े हर तरफ से साफ़ हो सकें. ब्रश को हमेशा सर्कुलर मोशन में घुमाना चाहिए