पापों का होता है सर्वनाश,इन उपायों से होते हैं शनिदेव प्रसन्न

पापों का होता है सर्वनाश,इन उपायों से होते हैं शनिदेव प्रसन्न लाइव हिंदी खबर :-हिंदू धर्म के मुताबिक प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवताओं को समर्पित होता है। शनिवार का दिन  न्याय के देवता माने जाने वाले शनिदेव का माना जाता है। शनिदेव का बीज मंत्र है कि ‘शनि शमयते पापम्’ यानी शनिदेव हमारे पापों को हर लें। शनिदेव सूर्य के पुत्र और भगवान शिव के शिष्य हैं। इन्हें क्रोध के देवता भी कहते हैं। कहा जाता है कि अगर शनिदेव किसी से गुस्सा हो गए तो उसे उनके गुस्से से कोई नहीं बचा सकता है। इसलिए लोग हर शनिवार शनिदेव को प्रसन्न करने में लगे रहते हैं। उनकी कृपा जिस किसी पर बरसती है उन्हें हर दुख से मुक्ति मिल जाती है और जीवन खुशियों से भर जाता है।

साफ दिल से अगर शनि देव की पूजा की जाए तो उनकी कृपा हमेशा बनी रहती है। आपके जीवन में भी अगर शनि की साढ़े साती चल रही हो, किसी भी काम को करने में परेशानी आ रही हो या काम बनते-बनते रह जाता हो तो शनि देव की पूजा से आपको लाभ हो सकता है। सिर्फ यही नहीं शनि देव की सवारी भी हमें अपने दिन की शुरुआत में दिख जाए तो उससे हमारे दिन में बहुत फर्क पड़ता है।

अगर आप भी शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आपके लिए कुछ उपाय सुझाए जा रहे हैं।

1. अगर आप चाहते हैं कि शनिदेव की कृपा हमेशा आप पर बनी रहें तो आप 11 शनिवार तक पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ‘ऊँ शनै शनिश्चरै नमः’ मंत्र का 11 बार जाप करें। इससे आपकी सफलता सुनिश्चित होगी और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।
2. हर शनिवार को तेल का दान करें। तेल का दान करने के लिए एक कटोरी में तेल लें और उस तेल में अपना मुंह देखकर उसका दान करें।
3. घर में खुशहाली बनी रहे और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहे, इसके लिये शनिवार के दिन अपने वजन के बराबर सरसों की खली गौशाला में दान देकर आयें। जल्दी ही खुशियों का आगमन होगा।
4.  यदि आप चाहे तो काले घोड़े की नाल से बना छल्ला भी मध्यमा उंगली में धारण कर सकते हैं। यह छल्ला शनिवार के दिन धारण करना चाहिए।
5. किसी कारणवश आपकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होता है, तो शनिवार के दिन बरगद के पेड़ की जड़ में दूध चढ़ाएं। पढ़ाई से संबंधित आपकी समस्या का हल जल्द ही निकलेगा।
6. शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को हनुमान जी के पूजा-अर्चना करनी चाहिए।  कहते हैं शनिदेव ने एक बार हनुमान जी को वचन दिया था कि वे हनुमान जी की पूजा करने वालों को कभी भी कोई कष्ट नहीं देंगे। इसलिए शनि के दोषों से बचने के लिये शनि के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा भी करनी चाहिए।
7.हर कोई शनि की साढ़े-साती से बचना चाहता है। इससे बचने के लिए  21 शनिवार तक शनिदेव को काले तिल चढ़ाएं और 21 मंगलवार को हनुमान जी पर चमेली का तेल चढ़ाएं। शनिदेव की कृपा आप पर बनी रहेगी।

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