फिल्म से हुई इतनी प्रभावित कि मौत से पहले पत्नी ने किया कुछ ऐसा, जिसे देख दुनिया हुई हैरान

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फिल्म से हुई इतनी प्रभावित मौत से पहले बीवी ने किया कुछ ऐसा जिसे देख दुनिया हुई हैरान

लाइव हिंदी खबर :- केट को जब पता चला कि उसे कैंसर है और वो अब कुछ ही दिनों की मेहमान है तो उसने कुछ ऐसा ही किया जैसा कि फिल्म में दिखाया गया। फिल्में हम सभी को पसंद है। किसी को इसकी ज्यादा सनक होती है तो वहीं कोई इसे कम पसंद करता है लेकिन शायद ही ऐसा कोई होगा जिसे फिल्मों का शौक न हो। फिल्में कई तरह की होती है लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती है जिसका हमारे मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

कुछ ऐसा ही हुआ डॉक्टर केट गारनर के साथ जो हॉलीवुड लव स्‍टोरी पीएस आई लव यू से बेहद प्रभावित हुई। इंग्लैंड के मिरफिल्ड शहर में रहने वाली केट के मन में इस फिल्म ने गहरी छाप छोड़ी। केट को जब पता चला कि उसे कैंसर है और वो अब कुछ ही दिनों की मेहमान है तो उसने कुछ ऐसा ही किया जैसा कि इस फिल्म में दिखाया गया। केट ने कुछ ऐसा किया जिससे कि उसके चले जाने के बाद भी उसके पति को उनके हर जन्मदिन पर प्यार भरा एक तोहफा मिलेगा वो भी उसकी तरफ से।

दरअसल केट को जब पता चला कि वो अब मौत के बेहद करीब है तो उसने अपनी जिंदगी के आखिरी दो सालो तक अपने पति के नाम कई सारे बर्थ डे कार्ड लिखें। साल 2042 तक के कार्ड वो अपने आखिरी दो सालों में लिख चुकी थी। पांच साल तक कैंसर से लड़ने के बाद केट साल 2016 के 23 जुलाई को 29 साल की उम्र में दुनिया को छोड़कर चली गई।
केट सारे बर्थडे कार्ड्स को एक डिब्बे में रखा और इस बॉक्स का नाम उसने मेमोरी बॉक्स रखा। इस मेमोरी बॉक्स को उसने अपने पति क्रिस को सौंपते हुए उनसे वायदा लिया कि वो इसे उसकी मौत के बाद ही खोलेंगे और हर बार उसी लिफाफे को उठाएंगे जिसमें उनके उनकी उस बार के जन्‍मदिन का साल लिखा होगा। क्रिस ने अपना वायदा निभाया और डिब्बे को केट की मौत के पहले नहीं खोला। केट के मौत के बाद क्रिरस को अपने हर जन्मदिन पर केट ग्रीटिंग का इंतजार रहता है।

क्रिस का इस बारे में कहना है कि केट ने कहा था कि इस मेमोरी बॉक्स में कुछ लेटर्स हैं। अपनी बात को आगे जारी रखते हुए क्रिस कहते हैं कि केट को पता था कि मुझे कैसे खुश रखा जाए? कैसे मेरे चेहरे पर मुस्कान आ सकती है? इससे हमें पता चलता है कि किस तरह से अपनी मौत के बाद भी केट ने क्रिस को अपनी मौजूदगी का एहसास दिलाया और उसे खुश रखा। इस घटना के बाद एक बात तो साफ है कि फिल्मों का हमारे जिंदगी पर कुछ सकारात्मक प्रभाव भी है, अब ये हम पर हैं कि हम उसे किस तरह से लेना चाहते हैं।