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बंगाल में क्षेत्र प्रभुत्व के लिए तैनात रहेंगी सीएपीएफ की 125 कंपनियां

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए चल रहीं तैयारियों के बीच गृह मंत्रालय के आदेश पर राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) अपनी 125 कंपनियां की तैनाती करेगा। गृह मंत्रालय ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सीएपीएफ पर इसकी कंपनियों की तैनाती का दबाव बनाया था। राज्य में हर पांच साल बाद होने वाला यह चुनाव इस साल अप्रैल या मई में होने की संभावना है।

मंत्रालय के आदेश पर 22 फरवरी तक सीएपीएफ की पांच कंपनियों की तैनाती का काम सोमवार को लगभग पूरी हो गया।

सीएपीएफ की 125 कंपनियों (लगभग 13,000 कर्मियों) में से अधिकतम 60 कंपनियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से, 30 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से, 25 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से और पांच औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) से करने का आदेश है।

चुनाव आयोग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि सीएपीएफ की तैनाती सिर्फ एक नियमित प्रक्रिया है और यह विधानसभा या आम चुनाव से पहले अपनाई जाती है, ताकि राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जा सके और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियां और पुलिस बल की मदद भी ली जा सके।

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आयोग ने कहा, केंद्रीय पुलिस बलों (सीपीएफ) को नियमित रूप से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भेजा जाता है, जहां लोकसभा या विधानसभा चुनाव होने हैं।

पश्चिम बंगाल में इन बलों की तैनाती पर आयोग ने कहा कि विशेष रूप से महत्वपूर्ण और कमजोर इलाकों में क्षेत्र पर अग्रिम वर्चस्व के उद्देश्य से तैनाती की जा रही है। यह अभ्यास 1980 के दशक के अंत से ही चल रहा है। लोकसभा चुनाव, 2019 के दौरान भी केंद्रीय बलों को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भेजा गया था और सभी राज्यों के चुनावों में भी यही किया जाता रहा है।

आयोग के मुताबिक, इस समय भी सीपीएफ को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भेजा गया है, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं।

सीपीएफ की तैनाती के आदेश मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और इन पांच राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और संघ शासित प्रदेशों को एक ही दिन जारी किए गए थे।

–आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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