भगवान विष्णु को अर्पित करें ये विशेष फूल, विष्णु लोक में मिलती है जगह

1

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी बहुत महत्व रखती है। इस दिन भगवान विष्णु नींंद से जागते हैं, इसलिए इसे देवउठनी एकादशी कहते हैं। कार्तिक मास की एकादशी को देवप्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता हैं। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है वहीं देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है। इस दिन से हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। वहीं इस दिन लोग भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय भी करते हैं। इस दिन अाप अपनी मनोकामनाओं के अनुसार भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं, एकादशी के दिन अलग-अलग प्रकार के फूलों से भगवान विष्णु को अर्पित करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भगवान विष्णु को अर्पित करें ये विशेष फूल, विष्णु लोक में मिलती है जगह

1. देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को बेलपत्र अर्पित करने से मनुष्य को मुक्ति मिलती है, साथ ही उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

2. इस एकादशी पर चूंकी तुलसी विवाह भी किया जाता है और भगवान विष्णु के भोग में तुलसी जरुरी होती है। वहीं इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करने से मनुष्य के 10,000 जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

3. देवउठनी एकादशी के दिन विष्णु जी को कदम्ब के फूल अर्पित करें, इससे व्यक्ति को कभी यमराज नहीं दिखते।

4. प्रबोधिनी एकादशी के दिन जो भक्त श्री हरी को गुलाब के फूल अर्पित करें, मिलेगी मुक्ति।

5. देवउठनी एकादशी जो मनुष्य सफेद या लाल कनेर के फूलों से भगवान का पूजन करते हैं, उन पर भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

6. जो मनुष्य भगवान विष्णु पर आम की मंजरी चढ़ाते हैं, वे करोड़ों गायों के दान का फल पाते हैं।

7. प्रबोधिनी एकादशी के दिन जो व्यक्ति दूब के अंकुरों से भगवान की पूजा करते हैं, वे 100 गुना पूजा का फल ग्रहण करते हैं।

8. देवउठनी एकादशी के दिन जो भी व्यक्ति भगवान विष्णु को चंपा के फूलों से पूजते हैं, उनकी मुक्ति निश्चित ही हो जाती है। उन्हें संसार नहीं भोगना पड़ता है।

9. पीले रक्त वर्ण के कमल पुष्पों से भगवान का पूजन करने वाले को विष्णु लोक में स्थान मिलता है।

10. भगवान विष्णुजी को केतकी के फूल अर्पित करने से व्यक्ति के करोड़ों जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं।

11. जो व्यक्ति बकुल और अशोक के फूलों को भगवान विष्णु को अर्पित करते हैं, उन्हें अपने जीवन में कभी किसी प्रकार का शोक नहीं पाते हैं।

12. जो व्यक्ति कार्तिक मास में तुलसी का रोपण करता है और रोपी गई तुलसी जितनी जड़ों का विस्तार करती है उतने ही हजार युगपर्यंत तुलसी रोपण करने वाले का वंश विस्तार होता है।

13. देवउठनी एकादशी पर तुलसी दर्शन का अधिक महत्व माना गया गै। तुलसी के पौधे को स्पर्श करने, कथा कहने, स्तुति करने, तुलसी रोपण और प्रतिदिन पूजन-सेवा आदि करने से हजार करोड़ युगपर्यंत विष्णुलोक में निवास करते हैं।