भूलकर भी ना करें ये गलतियां, होगा भारी नुकसान

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कार्तिक मास की शुक्लपक्ष की एकादशी के देवउठनी एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और तुलसी विवाह भी किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखने व विधि विधान से पूजा-पाठ करने से पूण्य की प्राप्ति होती और व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है। इसके अलावा यह भी मान्यता है की जिन लोगों को कन्यादान का सुख नहीं मिलता वे इस दिन तुलसी विवाह में कन्यादान कर पूण्य प्राप्त कर सकते हैं। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व माना जाता है, लेकिन इस दिन कुछ सावधानियां रखना भी बहुत जरुरी होता है। एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन करना अति आवश्यक बताया गया है। आइए जानते हैं एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं…

भूलकर भी ना करें ये गलतियां, होगा भारी नुकसान

1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें। इनकी जगहनींबू, जामुन या आम के पत्ते का उपयोग करें।

2. सुबह जल्दी स्नान करके मंदिर में जाकर प्रभु के दर्शन कर पाठ करें, भगवान विष्णु की आरती करें।

3. यदि आपने व्रत रखा है तो एकादशी के दिन घर में स्वयं झाडू ना लगाएं, इससे सूक्ष्म जीवों की मृत्यु होने का भय होता है और पाप लगता है।

4. एकादशी के दिन पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करें तथा भोग विलास से भी दूर रहें।

5. इस दिन बाल नहीं कटवाना चाहिए, इससे आपको आर्थिक नुकसान भओगना पड़ सकता है।

6. शास्त्रों के अनुसार इस दिन पत्ते तोड़ना वर्जित होता है, इसलिए इस दिन वृक्ष के पत्ते ना तोड़ें।

7. एकादशी के दिन लहसुन, प्याज़ और अन्न का सेवन ना करें, फलाहार कर सकते हैं।

8. फल अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा थोड़े दूध या जल पर रहना विशेष लाभदायक है।

9. व्रत रखने वाले व्यक्ति को को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

10. जुआ, निद्रा, पान, पराई निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए।

11. भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाना ना भुलें, तुलसीदल छोड़कर ही स्वयं भोजन ग्रहण करें।

12. एकादशी के दिन दान का अधिक महत्व माना जाता है, इसलिए शक्ति अनुसार इस दिन अन्नदान करना चाहिए पूण्य मिलता है।