भूल से भी ना करें ये 7 काम, बनेंगी पाप की भागी

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भूल से भी ना करें ये 7 काम, बनेंगी पाप की भागी लाइव हिंदी खबर :-करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक महीने में आता है, जो कि इंग्लिश कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर-नवंबर में पड़ता है। यह पर्व सुहागन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेषतः यह पर्व उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में ही मनाया जाता है।

करवा चौथ प्यार और विशवास का पर्व और जो पति-पत्नी के आपसी रिश्ते को मजबूत बनाता है। इस व्रत के नियम, पूजन विधि के अलावा और भी कई बातें हैं जिनका पालन किया जाना अति आवश्यक होता है।

करवा चौथ के दौरान कुछ कार्यों को भूल से भी नहीं करना चाहिए, ये अपशकुन माने जाते हैं। आइए विस्तार में जानते हैं:

1. किसी सुहागन को बुरा भला ना कहें: करवा चौथ पर आप व्रत कर रही हैं या नहीं, लेकिन भूल से भी इसदिन किसी सुहागन से बहस ना करें, उसपर क्रोध ना करें

2. व्रत सामग्री को कचरे में ना फेंके: यदि व्रत के दिन आपके हाथ से व्रत की कोई सामग्री या श्रृंगार की चीज खराब हो जाए तो इसे कचरे में ना फेंके। इसे संभालकर किसी स्थान पर रखक दें और बाद में बहते जल में प्रवाहित कर दें

3. विचारों पर रखें नियंत्रण: इस दिन व्रत कर रही महिलाएं अच्छा सोचें और अच्छी बातें ही करें। अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें। अपने या किसी के भी पति के बारे में बुरा ना कहें

4. नुकीली चीजों से दूर रहें: व्रत कर रही महिलाएं नुकीली और तेज धार वाली चीजें जैसे कि कांची, चाकू, सुई, आदि से दूर रहें। इसदिन इनका इस्तेमाल करना वर्जित माना गया है

5. ऐसे खेल ना खेलें: व्रत में अक्सर महिलाएं भूख से अपना ध्यान हटाने के लिए पत्ते खेलती हैं या साथ बैठकर दूसरी महिलाओं की चुगली खेलती हैं। ऐसा कोई भी कार्य करना अपशकुन माना जाता है

6. सोना नहीं है: मानते हैं कि व्रत के दिन दिनभर भूखा-प्यासा रहना आसान नहीं होता लेकिन इससे बचने के लिए नींद ना सहारा ना लें। हिन्दू धर्म में व्रत को तपस्या माना जाता है और कोई भी तपस्या नींद से खण्डित होती है

7. इन चीजों का सेवन ना करें: चांद देखने के बाद जब व्रत खोलें तब सात्विक भोजन का ही सेवन करें। मांस, मछली, अंडा आदि का सेवन अपशकुन माना जाता है। इसदिन घर में अन्य सदस्य भी ऐसी चीजें खाने से बचें