मधुमेह को जड़ से खत्म कर देगा ये आयुर्वेदिक उपचार

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हेल्थ कार्नर :-   डायबिटीज जिसे हम मधुमेह या आमतौर पर शुगर की बीमारी भी कहते है। यह बीमारी रक्त में शुगर या ग्लूकोस के स्तर की बढ़ोतरी के कारण होता है।

•आमतौर पर हर व्यक्ति के रक्त में शुगर या ग्लूकोस की बढ़ौतरी भोजन खाने के बाद होती है। परंतु जब गलूकोस की बढ़ौतरी सामान्य से ज्यादा हो तो इसे हम डायबिटीज कहते है

•यह बीमारी एक हॉर्मोन इन्सुलिन के शरीर मे ना बनने या कम बनने के कारण होती है।

•इन्सुलिन हॉर्मोन के कारण ही रक्त में ग्लूकोस की मात्रा सामान्य रहती है और यह हॉर्मोन शरीर के अग्न्याशय नामक अंग से निकलता है।

मधुमेह को जड़ से खत्म कर देगा ये आयुर्वेदिक उपचार

•मधुमेह के प्रकार

– टाइप 1

– टाइप 2

टाइप 1 मधुमेह में हॉर्मोन इन्सुलिन कम बनता है या बिल्कुल नही बनता परन्तु इसे नियंत्रित किया जा सकता है और टाइप 2 मधुमेह खतरनाक होता है इसमे ग्लूकोस की मात्रा रक्त मैं बहुत ज्यादा हो जाती है।जिसे नियंत्रित करना मुश्किल होता है।

मधुमेह के लक्षण इन हिंदी

आज कल की जीवनशैली के कारण मधुमेह एक सामान्य बीमारी बन गई है। परंतु यह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। यदि इसके शुरवात अवस्था मे उपचार ना किया जाए तो यह बहुत घातक हो सकती है।

मधुमेह के कुछ शुरवाती लक्षण

1.पेशाब बार-बार आना – मधुमेह रोग में पेशब बार बार आने लगता है। यह शरीर मे शुगर की बढ़ोतरी के कारण होता है। और यह बढ़ी हुई शुगर पेशाब के रास्ते बाहर आने लगती ह इसलिए जड़ पेशाब आने की समस्या बन जाती है।

2. घाव भरने में ज्यादा समय लगना – मधुमेह में घाव भरने का समय बढ़ जाता हैं। और कई बार तो छोटी सी खरोच भी बड़े घाव मे बदल जाती है। और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

3. जादा प्यास लगना – ज्यादा प्यास लगने का कारण ज्यादा पेशाब आना है ।क्योकि इसके कारण शरीर से पानी की ज्यादा मात्रा बाहर आती है। और ज्यादा प्यास लगने लगती हैं।

4. अचानक भूक मे बढ़ोतरी – मधुमेह मे व्यक्ति कमजोर हो जाता है। ओर बार – बार खाने का इछुक होजाता है।

5. जल्दी वजन कम होना – जल्दी वजन कम होना भी मधुमेंह के शुरवाती लक्षण में से एक है ।

6. त्वचा सम्बंधित रोग हिना – त्वचा संबंधित रोग और घाव मे संक्रमण होना और इनका बढ़ना भी मधुमेह के शुरवाती लक्षण है।

7. अचानक नजर कमजोर होना – अचानक नजर कमजोर होना भी मधुमेह का शुरवाती लक्षण हैं। इसमे व्यक्ति को धुन्दला नजर आने लगता हैं। और आंखों में दिक्कत होने लगती है।

मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार

•मेथी के दाने मधुमेह मे लाभदायक होते हैं। मेथी के कुछ दिनों को रात के समय पानी मे डाल कर रखदे ओर सुबह उनका सेवन करे यह मधुमेह मे लाभ दायक होता हैं।

• करेला भी मधुमेह की बीमारी मे कारगर साबित होता हैं इसका रस पीने से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। करेले के रस का सेवन सुबह खाली पेट करने से यह अधिक लाभदायक होता है।

• आंवला का रस भी मधुमेह मे कारगर साबित होता है। इसे पीने से भी मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता हैं।

– 4 से 5 आंवला लेकर उनका रस निकाले और पीस ले और कपड़े में इन पैसे हुए आंवलो को डालकर रस निचोड़ लें और हर रोज़ सुबह 1/2 कप पानी डाल कर सेवन करे इससे आपको बहुत लाभ होगा।

•एलोवेरा का रस पीने से भी मधुमेह नियंत्रित किया जा सकता है। अकोवेरा के पत्ते ले और इन्हें पीस ले और पानी में मिलाकर सेवन करे।

•जामुन मधुमेह मे अत्यधिक लाभ दायक होती है। इसके बीजो के इस्तेमाल से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। जामुन के बीजो को सूखा ले और इनका चूरन बना ले और पानी के साथ इनका सेवन करे।