यहां सूरज ढलते ही पक्षी करते हैं ऐसा अनोखा काम, सच्चाई जानकर गुल हो जाएगी दिमाग की बत्ती

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यहां सूरज ढलते ही पक्षी करते हैं ऐसा काम, सच्चाई जानकर गुल हो जाएगी दिमाग की बत्ती

लाइव हिंदी खबर :- दुनिया में अनेकों ऐसे रहस्य हैं जो की वैज्ञानिकों, विद्वानों की लाख कोशिशों के बावजूद भी आज तक अनसुलझे हैं। कुछ को तो सुलझा लिया गया लेकिन सैकड़ों रहस्य आज भी अनसुलझे हैं और जिसका हल वैज्ञानिक भी निकाल नहीं पाए हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसी ही एक रहस्य के बारे में… हम बात कर रहे हैं असम के जतिंगा गांव की जहां साल में एक बार कई हजारों पक्षी एक साथ आत्महत्या करने आते हैं। यह एक प्राकृतिक रहस्य है जो अभी तक कोई सुलझा नहीं पाया है।

बता दें जतिंगा असम की एक बेहद ही सुंदर वैली है। यह क्षेत्र विशेष कर अपने नारंगी के बागों के लिए मशहूर है और लोग दूर-दूर से यहां घूमने आते हैं। साथ ही यहां पक्षियों के समूह में आत्महत्या करने के हादसे ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। यहां पर सबसे आश्चर्य की बात यह है कि कोई अकेला पक्षी आत्महत्या नहीं करता, बल्कि सभी आत्महत्या समूह में की जाती है। यहां उपलब्ध लगभग सभी प्रकार के प्रवासी पक्षियों द्वारा ऐसा किया जाता है। जैसे कि किंगफिशर, टाइगर बाइटन और लिटिल एग्रीट जैसे पक्षी इस रहस्यमय मौत का शिकार होते हैं।

अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि क्यों एक साथ इतनी संख्या में पक्षी आत्महत्या करते हैं? जतिंगा पक्षी आत्महत्या को लेकर अब तक कई खोजे हुई लेकिन वजह नहीं मिल पाई। कई पक्षी विज्ञानियों का मानना है कि इस दुर्लभ घटना की वजह चुंबकीय शक्ति है। जब नम और कोहरे-भरे मौसम में हवाएं तेजी से बहने लगती हैं तो रात के अंधेरे में पक्षी रोशनी के आस-पास उड़ने लगते हैं। यह ऐसा समय होता है जब वह मदहोशी में होते हैं और तेजी से उड़ने के दौरान वे आसपास पेड़ और दीवार से टकराकर मर जाते हैं। लेकिन यहां के रहने वाले इसे भूत-प्रेत की बाधा बताते हैं।