रक्त (हीमोग्लोबिन) की कमी को कैसे करें दूर? जाने विस्तार से पूरी जानकारी

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शरीर में रक्ताल्पता की विकृति किसी जीर्ण रोग के कारण हो सकती है ! आघात लगने से अधिक रक्त स्त्राव होने पर शरीर में रक्त का अभाव हो सकता है ! अर्श ( बवासीर ) और स्त्रियों के ऋतुस्त्राव की विकृति के कारण अधिक मात्रा में रक्तस्त्राव होने से रक्त की अत्यधिक कमी हो जाती है ! रक्ताल्पता में शरीर में विशेष रूप से हीमोग्लोबिन की कमी होती है ! भोजन में विटामिन बी १२ और लौह तत्व के अभाव से अधिक रक्ताल्पता होती है !


लक्षण : रक्ताल्पता में शारीरक रूप से बहुत निर्बलता का अनुभव होता है ! बैठकर उठने से आँखों के सामने अँधेरा छा जाता है ! सिर में चक्कर आते है ! अधिक निर्बलता के कारण रोगी सीढियाँ भी नहीं चढ़ पाता ! नपुंसकता की विकृति अनुभव होती है ! चेहरे , हाथ पावों में शोथ भी हो जाता है ! त्वचा सफ़ेद पीली पड़ने लगती है ! भोजन में अरुचि हो जाती है ! और किसी भी चीज़ में मन नहीं लगता है ! और ज्यादा समय मनुष्य को नींद आती है और उसकी आँखों का रंग भी सफेद पढ़ने लगता है ! और हर काम में आलास करने लगता है उसके शरीर में जान नहीं रहती है और वह कुछ काम सही से नहीं कर पाता है ! तो इसी रक्ताल्पता को दूर करने के लिए आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताएँगे !

घरेलू नुस्खे :

  • भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थो का सेवन करने से रक्ताल्पता का निवारण किया जा सकता है !
  • प्रतिदिन सलाद के रूप में खीरा , ककड़ी , प्याज , चुकंदर , निम्बू का रस , मूली , गाजर , सेवन करने से अरुचि नष्ट होने के साथ अधिक भूख लगती है ! इन सब्जियों एक रस पीने से शारीरक निर्बलता दूर होती है !
  • एक केले को जल में चुना मिलाकर , लेप करके रखें दे ! प्रातः उठकर उस केले को छीलकर खाने से रक्ताल्पता दूर होती है !
  • प्रतिदिन 200 ग्राम टमाटर काटकर उसमे सेंधा नमक और काली मिर्च का चूर्ण डालकर खाने से बहुत लाभ होता है ! टमाटर का सूप भी बहुत लाभदायक होता है !
  • अनीमिया के रोगी को प्रतिदिन पालक,मेथी , बथुआ , आदि की सब्जी इस्तमाल करनी चाहिए !
  • आंवला या सेब का मुरब्बा खाने और दूध पीने से लाभ होता है !
  • अंगूरों का सुबह – शाम 100 ग्राम मात्रा में सेवन करने से रक्ताल्पता का निवारण होता है ! ह्रदय की तीव्र धड़कन कम होती है !
  • बेल के ताजे पत्तो का रस 5 ग्राम में थोड़ा सा काली मिर्च का चूर्ण डालकर पीने से पाचन क्रिया प्रबल होने से शरीर में रक्त की वृद्धि होती है !
  • बाबुल के फूलो को छाया में सुखाकर , फिर खरल में घोटकर चूर्ण बना लें ! इसमें से 3 ग्राम चूर्ण को 3 ग्राम मिश्री मिलकर जल के साथ सेवन करने पर लाभ होता है !
  • बीजू आम चूसकर ऊपर से दूध पीने से रक्ताल्पता में कमी होती है !
  • नीम के कोमल पत्तो को पीसकर उनका रस निकालें ! 5 ग्राम रस में 5 ग्राम मिश्री मिलकर पीने से रक्ताल्पता नष्ट होती है !
  • गन्ने एक ताजे रस 200 ग्राम में , आंवले का रस 5 ग्राम और शहद 10 ग्राम मिलकर पीने से अनीमिया में बहुत लाभ होता है !

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