रोहतक से आंदोलन-स्थल पहुंचीं महिलाओं ने दिया किसानों को समर्थन

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गाजीपुर बार्डर, 21 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र के तीन नए कृषि कानून को पूरी तरह निरस्त करने के मुद्दे पर अपना समर्थन देने के लिए हरियाणा के रोहतक जिले से गाजीपुर बॉर्डर पर दो दर्जन से अधिक महिलाएं पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। सभी महिलाओं ने एक सुर में किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि जब तक कानून वापस नहीं होगा, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगी।

महिलाओं ने टिकैत को भरोसा दिलाया कि उनकी एक आवाज पर हरियाणा की महिलाएं गाजीपुर बार्डर ही नहीं, जहां वह कहेंगे, वहां पहुंच जाएंगी।

ये सभी महिलाएं हरियाणा के रोहतक जिले के रिठाला गांव से आंदोलन स्थल पहुंचीं। उन्होंने कहा, हम रोज अपने गांव से यहां आएंगे और आंदोलन कर रहे अपने भाइयों और चाचा-ताऊ के लिए दूध, घी और मठ्ठा भी लेकर आएंगे। यहीं हलवा भी बनेगा और खीर भी बनेगी।

महिलाओं ने कहा कि हरियाणा में खट्टर सरकार अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। इस सरकार ने किसानों की राह में गड्ढे खोदे हैं। इस बात को हमारी कई पुश्तें भूलने वाली नहीं हैं। किसान आंदोलन तो होते रहे हैं, पर किसी भी सरकार ने किसानों के साथ ऐसा सलूक नहीं किया, जैसा वर्तमान सरकारें कर रही हैं।

गौरतलब है कि सरकार और किसान संगठनों के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। दूसरी ओर, फिर से बातचीत शुरू हो – इसके लिए किसान और सरकार दोनों तैयार हैं, लेकिन अभी तक वार्ता की मेज पर वे नहीं आ पाए हैं।

किसान पिछले साल 26 नवंबर से तीन नए कृषि कानूनों के मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020; मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं।

— आईएएनएस

एमएसके

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