लालू की जमानत याचिका खारिज होने पर समर्थकों में निराशा

0


पटना, 19 फरवरी (आईएएनएस)। रांची हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री और लालू की पत्नी राबड़ी देवी के आवास पर बड़ी संख्या में जुटे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थक दुखी मन से अपने घर लौटे।

राजद सुप्रीमो को चार मामलों में दोषी ठहराया गया और जेल की सजा सुनाई गई। उन्हें पहले ही अन्य तीन मामलों में जमानत मिल चुकी है। इन दिनों वह एम्स, नई दिल्ली में भर्ती हैं। उन्हें 75 प्रतिशत किडनी खराब होने, फेफड़ों में पानी का जमाव, उच्च रक्तचाप आदि सहित कई चिकित्सीय दिक्कतों के बाद दिल्ली शिफ्ट किया गया था।

तेजस्वी यादव, उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव और परिवार के अन्य सदस्य अदालत के आदेश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

राजद के एक सूत्र ने कहा कि दोनों भाई अपने पिता से मिलने के लिए दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, हमारे नेता ने आधे से अधिक कारावास की सजा काट ली है। वह गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें रिम्स रांची से एम्स दिल्ली रेफर किया गया है। इसके बावजूद उन्हें जमानत से वंचित कर दिया गया। यह बेहद निराशाजनक है।

उनके समर्थकों में से एक, लोरी प्रसाद यादव ने कहा, हम न्यायपालिका में विश्वास करते हैं, लेकिन हमारे नेता के साथ अन्याय हो रहा है। हमें उम्मीद थी कि हाईकोर्ट आज (शुक्रवार) उन्हें जमानत दे देगा।

प्रसाद के एक अन्य समर्थक भाई अरुण कुमार ने कहा, लालू जी देश के सबसे बड़े समाजवादी नेता हैं, जो सभी वर्गों के लोगों की सुनते हैं। वह सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं।

लालू प्रसाद यादव के वकीलों की ओर से एक और जमानत याचिका दायर करने की संभावना है।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

विज्ञापन