शादी के नाम से भागते हैं इन 4 राशियों के लोग,जरूर जाने

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इतने सालों का रिलेशनशिप और आज भी पार्टनर की ओर से रिश्ते को एक नाम देने या वादों के साथ आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है? इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, इसके पीछे शायद उनका राशि चिह्न जिम्मेदार है। जी हां, व्यक्ति के राशि चिह्न पर उसका स्वभाव और पसंदिगी आधारित है। इसी तरह से प्यार में वो कैसा है, क्या वो वादे करने की हिम्मत रखता है या नहीं, यह भी राशि चिह्न बताते हैं। आज हम आपको उन चार राशि चिह्न के बारे में बताएँगे जो प्यार तो करते हैं लेकिन उस प्यार को नाम देने के लिए जल्दी तैयार नहीं हो पाते हैं। कमिटमेंट से डरते हैं इन चार राशियों के लोग:

1. कन्या यानी वर्गो

प्यार तो कर लेते हैं लेकिन शादी के नाम से भागते हैं इन 4 राशियों के लोग
अगर पार्टनर का राशि चिह्न कन्या यानी वर्गों है तो ये ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपनी जिन्दगी में हर चीज परफेक्ट चाहिए। फिर वो ऑफिस का काम हो या प्यार का रिश्ता। जब तक इन्हें उसमें परफेक्शन का एहसास ना हो जाए ये किसी भी वादे को बीच नहीं लाते हैं। अपने पार्टनर को भविष्य से जुड़ी किसी भी उम्मीद से नहीं बांधते हैं।

2. कुंभ यानी एक्वेरियस

प्यार में इस राशि के लोग काफी मॉडर्न सोच वाले और फ़्लर्ट करने वाले भी होते हैं। ये अपने पार्टनर के साथ वक्त बिताना, घूमना-फिरना पसंद करते हैं लेकिन कभी नहीं चाहते कि पार्टनर इनपर किसी भी बात को लेकर हावी हो। इन्हें हमेशा ये डर रहता है कि किसी भी वक्त इनका पार्टनर इनकी आजादी छीन सकता है इसलिए ये खुद ही रिश्ते में फूंक-फूंक कर कदम रखते हैं। और प्यार से जुड़े वादों से दूर ही रहते हैं।

3. धनु यानी सैजिटेरीयस

प्यार तो कर लेते हैं लेकिन शादी के नाम से भागते हैं इन 4 राशियों के लोग
खुशमिजाज लेकिन स्वतंत्रता पसंद होते हैं ये लोग। और प्यार में कोई इन्हें बांधे, ये इन्हें बिलकुल नहीं पसंद। प्यार करो, उस प्यार को एन्जॉय करो और जिन्दगी से जुड़े बाकी के हर फासिले को अपने हिसाब से लो। इसी सोच के साथ रिश्ते को चलाना पसंद करते हैं इस राशि के लोग। लेकिन कोई इन्हें वादों या कसमों के नाम पर बांधे, ये इन्हें बिलकुल नहीं पसंद।

4. वृश्चिक यानी स्कॉर्पियो

प्यार तो कर लेते हैं लेकिन शादी के नाम से भागते हैं इन 4 राशियों के लोग
इस राशि के लोग एक बार सच्चे दिल से किसी को प्यार कर लें तो फिर जिन्दगी भर उसके साथ बिताने का भावनाओं के साथ आगे बढ़ते हैं। लेकिन फिर भी पार्टनर को किसी उम्मीद में नहीं बांधते हैं। क्योंकि इनके मन में हमेशा ये डर रहता है कि कहीं इनका पार्टनर इन्हें बीच रास्ते छोड़ ना जाए, इसलिए खुद ही जब तक इन्हें रिश्ते पर विश्वास ना हो जाए, भविष्य के बारे में नहीं सोचते हैं।