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नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर खुदरा मूल्य मुद्रास्फीति चरम पर हो सकती है।

एमओएफएसएल के शोध के अनुसार, पीक आउट ट्रेंड से बाजार सहभागियों को कुछ राहत मिल सकती है, खासकर बॉन्ड सेगमेंट में।

हम उम्मीद करते हैं कि साल 2021 के जुलाई-अगस्त में 1-2 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज किए जाने से पहले, आईआईपी जून, 21 में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर व्यापक रूप से अपरिवर्तित रहेगा। कुल मिलाकर हम वित्त वर्ष 2022 में आरबीआई की दरों में बढ़ोतरी नहीं देख पा रहे हैं।

हाल ही में सीपीआई आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जून, 2021 में 6.3 प्रतिशत के साथ वर्ष-दर-वर्ष आधार पर अपरिवर्तित रही।

6.1 प्रतिशत की संख्या अपेक्षा से थोड़ी अधिक थी, लेकिन जून, 21 में ब्लूमबर्ग की आम सहमति 6.6 प्रतिशत सालाना से कम है। इससे भी जरूरी बात यह है कि जून, 21 के लिए कीमत के आंकड़े 80 फीसदी बाजारों से एकत्र किए गए थे, जबकि मई, 2021 में यह आंकड़ा 68 प्रतिशत था। पिछले महीने कई राज्यों में लॉकडाउन में ढील दिए जाने के चलते यह संख्या अधिक हुई है।

खाद्य मुद्रास्फीति वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर जून, 2021 में 5.2 प्रतिशत पर आ गई, जबकि मई में 5 प्रतिशत मुद्रास्फीति थी। ईंधन और हल्की मुद्रास्फीति बढ़कर 12.7 प्रतिशत हो गई और इसी के साथ वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर कपड़ों और जूते में मुद्रास्फीति 6.2 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर, विविध वस्तुओं में मुद्रास्फीति जून,21 में सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत पर स्थिर हो गई।

–आईएएनएस

एएसएन/एएनएम

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