लाइव हिंदी खबर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि खेलो इंडिया, स्कूल गेम्स, यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स और ऐसे कई राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से देशभर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान हो रही है। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें देश के हर कोने तक पहुंचकर नए खिलाड़ियों को खोज रही हैं और उन्हें सही प्रशिक्षण व मंच उपलब्ध करा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने खेल बजट में हुए बड़े इजाफे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत का खेल बजट 1,200 करोड़ रुपये से भी कम था, जबकि आज यह बढ़कर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इस बढ़े हुए बजट का सीधा फायदा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों में देखने को मिल रहा है।

मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मेडल जीतना ही नहीं, बल्कि एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां गांव और छोटे शहरों से भी खिलाड़ी आगे आएं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से आने वाले वर्षों में भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर और मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।