लाइव हिंदी खबर :- नोएडा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। नोएडा की डीसीपी साइबर शाव्या गोयल ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों में शामिल 1,500 से अधिक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की गई है। इस दौरान ठगों से जुड़े ऐसे बैंक खातों को फ्रीज किया गया, जिनमें कुल ₹117 करोड़ से ज्यादा की रकम जमा थी।

डीसीपी शाव्या गोयल के अनुसार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी निगरानी के चलते अब तक करीब ₹58 करोड़ की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है। यह रकम उन लोगों की है, जो ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया ठगी जैसे मामलों का शिकार हुए थे।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन नोएडा पुलिस ने भी अपनी रणनीति को मजबूत किया है। साइबर सेल में आधुनिक तकनीक, डेटा एनालिसिस और बैंकिंग सिस्टम के साथ बेहतर समन्वय के जरिए ठगों तक तेजी से पहुंच बनाई जा रही है। कई मामलों में शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध खातों को फ्रीज कर दिया गया, जिससे बड़ी रकम बचाई जा सकी।
डीसीपी ने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर की गई शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। नोएडा पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।