लाइव हिंदी खबर :- मालदीव के पूर्व उपराष्ट्रपति फैसल नसीम ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए दुनिया भर में बढ़ते असंतोष और टकराव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज केवल एक देश ही नहीं, बल्कि कई हिस्सों में लोग अशांति और संघर्ष का सामना कर रहे हैं। ऐसे हालात में शांति और स्थिरता का एकमात्र रास्ता सभी को समान अवसर, न्याय और बराबर अधिकार देना है।

फैसल नसीम ने कहा कि जब समाज के किसी एक वर्ग को कम अवसर मिलते हैं और दूसरे वर्ग को ज्यादा, तो असंतुलन पैदा होता है। यह असंतुलन धीरे-धीरे लोगों में निराशा और गुस्से को जन्म देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब लोग खुद को उपेक्षित और वंचित महसूस करते हैं, तो वे कभी-कभी ऐसे कदम उठा लेते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए नुकसानदायक साबित होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सरकारें निष्पक्षता के साथ काम करें और सभी नागरिकों को समान रूप से आगे बढ़ने का मौका दें। शिक्षा, रोजगार, न्याय और अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे बुनियादी अधिकार अगर सभी को समान रूप से मिलें, तो असंतोष की भावना अपने आप कम हो जाती है।
बांग्लादेश के संदर्भ में फैसल नसीम के बयान को मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक तनाव के बीच अहम माना जा रहा है। हाल के दिनों में वहां हिंसा, विरोध-प्रदर्शन और मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं सामने आई हैं। ऐसे में उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि दीर्घकालिक समाधान केवल सख्ती से नहीं, बल्कि समावेशी और न्यायपूर्ण नीतियों से ही संभव है।
फैसल नसीम ने अंत में कहा कि अगर दुनिया को हिंसा और संघर्ष से बाहर निकालना है, तो सभी देशों को समानता, संवाद और न्याय के सिद्धांतों को अपनाना होगा। यही शांति और स्थिरता का स्थायी रास्ता है।