कब्ज के कारण होने वाले रोगों को दूर करने के लिए आजमाये ये नुस्खा

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कब्ज को सब रोगों का मूल कारण माना गया हैं इसलिये  कब्ज का विधिवत उपचार प्रत्येक ब्यक्ति को अवश्य करवाना चाहये। शरीर में कब्ज के लगातार बने रहने से जहा भोजन देर से हजम होता हैं। वही अनन आंतो में पड़ा पड़ा सड़ता रहता हैं। जिसकी अपच मदनगिन गेस की प्रॉब्लम,कोलाईटिस, पेट, दर्द कमर दर्द ,शोथ बवासीर ,भूख न लगना आदि तरह – तरह के रोग उत्पान हो जाते ह

कब्ज का प्राकृतिक उपचार

कब्ज को सबसे सुगम उपचार दो तीन दिन का उपवास करना है। उपवास के दिनों में कुनकुने पानी मे नीबू का रस और शहद मिलाकर दिन में  2-4  बार ले और नीबू के पानी का एनिमा रोज़ सुबह के समय ले । अगर पेट मे  कीड़ो की शिकायत हो तो निम की पत्तियों  को उबालकर उसके पानी का एनिमा ले ।बहोत पुराने से पुराने कब्ज में एरंड के तेल का इस्तेमाल करने से विशेष लाभ होता ह

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एनिमा लेन का सही  तरीका किया हैं


एनिमा पात्र को ठीक  से साफ के बाद में उसमे कुनकुना पानी भर ले । अब स्टॉपर खोलकर जरा – सा पानी निकाल दे । जिसे रबर की नली के अंदर की हबा निकल जाएं । रोगी तख़्त या चटाई पर बाई करबट लेट जाए । शारीर को सीधा रखें लेकिन दाएं पैर को थोड़ा मोड़कर बाए पर ले जाए ।इसके बाद गुदाद्वार मेंं एनिमा  कैथेटर को धीरे – धीरे प्रवेश कराएं। कैथेटर केे सिरे पर नााारिय तेल लगा ।अब स्टॉ्पर खोलकर पानी को धीरे – धीरे अंदर जाने दे ।आंतों में पानी पहुंच जाने के बाद रोगी दाएं बाएं करवट लेकर 5 मिनट तक पानी को रोक कर रहे।इस समय पेट की हर की मालिश भी कर लेनी चाहिए । फिर शौच कै लिऐ जाना  चाहिए । शौच करते समय  आंतो पर अधिक जोर ना देकर पानी को स्वभाविक रुप से निकलने दे ।

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