एआईसीटीई ने दी चेतावनी, तकनीकी शिक्षा संस्थानों के खिलाफ इस वजह से की जा सकती है सख्त कार्रवाई

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लाइव हिंदी खबर:- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने चेतावनी दी है कि तकनीकी शिक्षा संस्थानों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षकों की शिकायतों का समाधान नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी शिक्षा संस्थानों को नियमानुसार हर साल एआईसीटीई की मंजूरी लेनी होती है। एआईसीटीई के मानदंडों के अनुसार संस्थान में सभी सुविधाओं और अन्य मामलों का निरीक्षण करने के बाद ही संस्थान की मंजूरी का नवीनीकरण किया जाता है।

अभी 2020-2021 इस शैक्षणिक वर्ष के लिए अनुमोदन मांगने से पहले एआईसीटीई ने संबंधित संस्थानों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उनके संस्थान में शिक्षकों की शिकायतों का निवारण किया गया है या बुनियादी ढाँचा पूरा किया गया है।

तकनीकी शिक्षा संस्थानों को अनुमोदन आवेदन के साथ ऐसी शिकायतों के बारे में सूचित करना होगा। यह भी बताना होगा कि उन शिकायतों को दूर करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं। AICTE के सचिव प्रा. राजीव कुम्हार ने सभी प्राचार्यों और निर्देशकों को सूचित किया है।

राज्य के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में से अस्सी प्रतिशत अव्यवस्थित हैं। वहां के प्रोफेसरों को नियमित और नियमित वेतन नहीं मिलता है। कॉलेजों को पूरा करना एआईसीटीई द्वारा निगरानी नहीं है। इसलिए एआईसीटीई की इस चेतावनी को फुस्का बार कहा जाना चाहिए।