आपके स्कुल के किसी पुस्तक मे नहीं मिलेगा राष्ट्रपिता की कुछ बाते, जरूर जाने

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2 अक्टुबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर मे जन्म लेने वाले हमारे भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को हम ही नही बल्कि पूरा विश्व महात्मा के नाम से जानता है और भारत मे शायद ही कोई होगा जो उन्हे नही जानता होगा लेकिन आज हम आपको महात्मा गांधी जी कुछ रोचक और अनोखी बाते बताने जा रहे जो आपने ना कभी पढी होगी और ना ही सुनी होगी।

महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था उस दिन शुक्रवार था किस्मत से उनके मृत्यु वाला दिन भी शुक्रवार ही था जब वो अफ्रिका मे थे तो वे वकालत की फिस के रूप मे 15000 डाॅलर वार्षिक आसानी से कमा लेते थे कहा जाता था की गांधी जी हिटलर के बहुत अच्छे दोस्त थे और वे अक्सर उन्हे पत्र लिखा करते थे।

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शांती दूत कहे जाने वाले महात्मा गांधी जी को पूरे पांच बार नोबल पुरस्कार से नवाबा गया लेकिन सोचनो वाली यह बात है कि उन्हे एक भी बार नोबल नही मिल सका अंग्रेजी सरकार ने गांधी जी के हत्या के बीस साल बात उन्हे सम्मानित करने के लिये उनके नाम व फोटो को डाक टिकट मे छपवाया था।

एक वक्त ऐसा आया था जब टाइम्स पत्रिका ने गांधी जी को अल्बट आइन्स्टीन के बाद सदी को दूसरा पावरफुल व्यक्ति कहा था जबकि अपने पूरे जीवनकाल मे गांधी जी कभी अमेरिका नही गये थे गांधी जी पर आरोप लगाया जाता है कि वे चाहते तो भगत सिंह सुखदेव व राजगुरू की फांसी रूकवा सकते थे कहा जाता है कि अपनी मृत्यु की एक दिन बाद वे कांग्रेस पार्टी की समाप्ति करना चाहते थे।

महात्मा गांधी जी की लिखावट बचपन मे बहुत खराब थी और वे अपना खत दूसरो से लिखाया करते थे और वे बचपन मे किसी से बात करने मे बहुत ही शर्म महसूस करते थे गांधी जी की शव यात्रा मे 25 लाख लोग शामिल हुये थे। 8 किमी तक निकली गांधी जी की शव यात्रा भारत की सबसे बडी शवयात्रा हैं

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