लाइव हिंदी खबर :- गुजरात में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। गुजरात पुलिस के आईजी अशोककुमार यादव ने बताया कि साइबर अपराध को कम करने के उद्देश्य से पूरे राज्य में संदिग्ध बैंक खातों को लेकर विशेष ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में ऐसे खाताधारकों की पहचान और जांच की जा रही है, जिनके खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में होने की आशंका है।

आईजी अशोककुमार यादव के अनुसार इस ऑपरेशन के दौरान केवल राजकोट रीजन में ही 1,080 बैंक खाताधारकों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि इनमें से कई खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी, फर्जी लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में किया गया था। सत्यापन के आधार पर अब तक 54 मामलों में FIR दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर आम लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर या उन्हें लालच देकर उनके खातों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
आईजी यादव ने बताया कि जिन खाताधारकों के खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल हुए हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे जानबूझकर इसमें शामिल थे या फिर उन्हें धोखे में रखा गया। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी। गुजरात पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी के कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी या केवाईसी से जुड़ी जानकारी साझा न करें।
साथ ही अगर किसी को साइबर ठगी का शक हो या वे इसका शिकार बनें, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को उजागर कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।