
लाइव हिंदी खबर :- महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के सेंदूर सानी गांव में बड़े जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि जहां गांव की कुल आबादी सिर्फ 1,394 है, वहीं यहां 27,397 जन्म प्रमाणपत्र पंजीकरण दर्ज पाए गए। इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम का गठन किया है।

इस घोटाले का खुलासा भाजपा नेता किरीट सोमैया ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के जरिए अवैध तरीके से पहचान पत्र, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने SIT को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
SIT का नेतृत्व डीजी पुलिस यशस्वी यादव करेंगे। टीम को 100 दिनों के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इतने बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र कैसे बने, इसमें कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, और इसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह घोटाला कई वर्षों से चल रहा था और इसमें स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मिलीभगत हो सकती है। फर्जी पंजीकरण से न केवल सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों के दुरुपयोग की भी आशंका बढ़ गई है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में संगठित गिरोह या अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो कार्रवाई और भी सख्त की जाएगी। यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।