लाइव हिंदी खबर :- पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ एक बार फिर बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस बार घटना प्रांतीय विधानसभा के भीतर हुई, जहां सत्र के दौरान धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक देखी गई। बताया जा रहा है कि विपक्षी और सत्तारूढ़ खेमों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीति में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधानसभा सत्र के दौरान किसी मुद्दे पर चर्चा के समय अचानक हंगामा शुरू हो गया। आरोप है कि मुख्यमंत्री केपी के पास पहुंचकर कुछ विधायकों ने नारेबाजी की और उनके साथ धक्का-मुक्की की। सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश की, जिसके बाद सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सदन के भीतर अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के साथ इस तरह की घटना हुई हो। करीब एक महीने पहले भी पुलिस के साथ कथित टकराव के दौरान उनके साथ बदसलूकी की खबरें सामने आई थीं, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। विपक्ष ने तब सरकार पर प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।
ताजा घटना के बाद भी विपक्ष और सरकार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता, संस्थानों के बीच टकराव और बढ़ता ध्रुवीकरण ऐसी घटनाओं को जन्म दे रहा है। विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर हिंसक व्यवहार न केवल जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी कमजोर करता है।