लाइव हिंदी खबर :- केमिकल से पके 200 किलो आम सीज कर दिए गए हैं। पांच तरीकों से पहचाने आम नेचुरल पके हैं या केमिकल से बनाये गये हैं। हाल ही में हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम ने केमिकल से पके हुए फलों की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान करीब 200 किलो केमिकल से पके हुए आम टीम द्वारा सीज किए गए। इन्हें पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया गया था। कैल्शियम कार्बाइड से पके आम खाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। ऐसे में बाजार से आम खरीदते समय सावधानियां बरतनी चाहिए।

कार्बाइड से आम कैसे पकाया जाता है…
कच्चे आम को बॉक्स में बंद करके रखा जाता है, बीच-बीच में कैल्शियम कार्बाइड के छोटे-छोटे टुकड़े/पाउडर के पैकेट रखे जाते हैं। फिर इसके बाद केमिकल पर हल्का पानी डाला जाता है। इसके बाद रिएक्शन से एसिटिलीन गैस निकलती है। यह फल पकाने वाली गैस एथिलीन की तरह काम करती है। इससे 1 से 2 दिन में ही आम पक जाते हैं।
कार्बाइड से पके आम और पेड़ पर नेचुरल तरीके से पके आम में क्या फर्क होता है…
कार्बाइड से पके आम और नेचुरल तरीके से पके आम में स्वाद न्यूट्रिशन और क्वालिटी का फर्क होता है। इसे समझिए…
1- नेचुरल पका आम हल्का पीला, थोड़ा पीला, थोड़ा गहरा होता है जबकि कार्बाइड से पका आम पूरा चमकदार सब जगह पीला होता है।
2- नेचुरल पका आम मीठा रसीला होता है जबकि कार्बाइड से पका आम ऊपरी लेयर मीठी व अंदर से फींका और कच्चा होता है।
3- नेचुरल पके आम की खुशबू मीठी नेचुरल होती है, जबकि कार्बाइड से पके हुए आम की स्मेल कम या बिल्कुल स्मेल नहीं आती है।
4- नेचुरल आम 10 से 12 दिन में पकता है, जबकि कार्बाइड से पका आम एक से दो दिन में पक जाता है। नेचुरल पके आम में सभी न्यूट्रिशन मौजूद होते हैं, जबकि कार्बाइड से पके आम में फाइबर विटामिन से एंटीऑक्सीडेंट कम होते हैं।