लाइव हिंदी खबर :- उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट 149 दिनों के लंबे इंतजार के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सुबह शुभ मुहूर्त में मंदिर के द्वार खुलते ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन शुरू हो गए। इस खास मौके पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे और पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल देखने को मिला।

कपाट खुलने के समय तापमान करीब -4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया लेकिन ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। लोग घंटों लाइन में खड़े होकर दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कठिन मौसम भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर पाया और हर कोई भगवान के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आया।
मंदिर के कपाट खुलने से पहले विधि-विधान के साथ विशेष पूजा और अनुष्ठान किए गए। सबसे पहले मंदिर के मुख्य पुजारी ने प्रवेश कर पूजा की और उसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू किए गए। इस दौरान मंदिर को फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा था।
बद्रीनाथ धाम की एक खास परंपरा ‘घृत कंबल’ को लेकर इस बार भी श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। मंदिर बंद होने से पहले भगवान की मूर्ति पर घी से लिपटा कंबल चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि कपाट खुलने पर कंबल की स्थिति से आने वाले समय के संकेत मिलते हैं। इस बार भी कंबल घी से लबालब पाया गया जिसे शुभ संकेत माना जा रहा है।
कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि यात्रा सुचारु रूप से चल सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।